
नोएडा: ट्रैफिक को सुगम बनाने और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रस्तावित नए एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। महामाया फ्लाईओवर से सेक्टर-94 तक बनने वाले इस एलिवेटेड रोड के लिए इन दिनों सॉइल टेस्टिंग और टोपोग्राफी सर्वे किया जा रहा है।
इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी आईआईटी रुड़की को सौंपी गई है। प्राधिकरण के महाप्रबंधक एसपी सिंह के अनुसार, सॉइल टेस्टिंग के जरिए जमीन की वहन क्षमता (बियरिंग कैपेसिटी) का आकलन किया जा रहा है, जो रोड के डिजाइन और संरचना तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
टोपोग्राफी सर्वे के तहत क्षेत्र का विस्तृत भौगोलिक अध्ययन किया जा रहा है। इसमें जमीन की ऊंचाई, ढलान, पेड़-पौधे, जल स्रोत और आसपास की मौजूदा संरचनाओं का सटीक मानचित्र तैयार किया जा रहा है, जिससे परियोजना को व्यावहारिक और सटीक बनाया जा सके।
करीब 1.5 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड रोड पर लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह लिंक एलिवेटेड के रूप में काम करेगा, जो महामाया फ्लाईओवर के पास स्थित चिल्ला एलिवेटेड को सेक्टर-94 क्षेत्र से जोड़ेगा।
यातायात को और सुगम बनाने के लिए क्लोवर लीफ इंटरचेंज का भी प्रस्ताव है, जिससे वाहनों की आवाजाही बिना रुकावट के हो सकेगी। साथ ही, इस रोड को सेक्टर-94 की ओर प्रस्तावित पुश्ता एलिवेटेड से जोड़ने की योजना है। इसके लिए सिंचाई विभाग से एनओसी लेना आवश्यक होगा।
परियोजना पूरी होने के बाद नोएडा और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है और लोगों को तेज व सुगम आवागमन की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।




