
- रिपोर्ट: स्निग्धा श्रीवास्तव
नोएडा: मज़दूरों के विरोध प्रदर्शन के बीच औद्योगिक अशांति और बढ़ती हिंसा के मामले में नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया है। हिरासत में लिए गए लोगों में मज़दूर बिगुल दस्ता के नेता रूपेश राय भी शामिल हैं।
मुख्य आरोपी जांच के घेरे में
पुलिस के अनुसार, रूपेश राय को सेक्टर 39 थाने की टीम ने गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया है कि संगठन के सदस्य अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में जाकर मज़दूरों को भड़काने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसक झड़पों में बदलने की कोशिश कर रहे थे।
सोशल मीडिया के जरिए भड़काने का आरोप
अधिकारियों के मुताबिक, यह नेटवर्क एक दर्जन से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप संचालित कर रहा था, जिनके जरिए कथित तौर पर भड़काऊ संदेश फैलाए जा रहे थे। फिलहाल फोरेंसिक टीम 17 नए पहचाने गए व्हाट्सएप ग्रुप के डिजिटल ट्रेल की जांच कर रही है, ताकि नेटवर्क के समन्वय और गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने यह भी बताया कि अब तक गिरफ्तार अधिकांश आरोपियों की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच है। जांच में दो अन्य संगठनों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। इसके अलावा, नेटवर्क से जुड़ी कुछ महिला एक्टिविस्ट को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
रणनीतिक बैठकों के जरिए किया गया मोबिलाइजेशन
जांच में खुलासा हुआ है कि अप्रैल की शुरुआत से ही यह नेटवर्क नोएडा के विभिन्न इलाकों में सक्रिय था। बॉटनिकल गार्डन, सेक्टर 15, सेक्टर 83, सेक्टर 63, सेक्टर 58 और फेज-2 जैसे स्थानों पर अलग-अलग लेबर यूनियनों के साथ बैठकें की गईं।
पुलिस का कहना है कि इन बैठकों का उद्देश्य मजदूरों को गुमराह करना और आगे चलकर हिंसा की जमीन तैयार करना था।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में इसके प्रभाव का आकलन किया जा रहा है।





