
उत्तर प्रदेश: एक सनसनीखेज मामले में आपराधिक गतिविधियों के चलते नौकरी से निकाले गए पूर्व पुलिसकर्मी ने अपनी मौत का झूठा नाटक रचने के लिए एक बुजुर्ग भिखारी की हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान रामवीर सिंह के रूप में हुई है, जिसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
आधी जली लाश से खुला राज
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले महीने हाथरस रोड हॉल्ट रेलवे स्टेशन पर टिन शेड के नीचे एक बुजुर्ग की आधी जली हुई लाश मिली थी। मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान रामवीर सिंह की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात कबूल करते हुए बताया कि उसने अपनी पहचान छिपाने और मौत को झूठा साबित करने के लिए शव का चेहरा जला दिया था।
पहचान छिपाने के लिए छोड़े अपने दस्तावेज
जांच में सामने आया कि आरोपी ने घटनास्थल पर अपने पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज भी छोड़ दिए थे, ताकि पुलिस उसे मृत समझकर जांच बंद कर दे और वह आराम से फरार रह सके।
वारदात में घायल हुआ आरोपी
सूत्रों के मुताबिक, वारदात को अंजाम देते समय आरोपी खुद भी गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कई संगीन मामलों में था आरोपी
मैनपुरी जिले का रहने वाला रामवीर सिंह पहले से ही हत्या, अपहरण, लूट और जालसाजी जैसे एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामलों में वांछित था। पुलिस से बचने के लिए उसने अपनी मौत का नाटक रचने की साजिश रची थी।
बताया जा रहा है कि आरोपी ऐसे व्यक्ति की तलाश में था, जिसका कोई परिजन न हो, ताकि उसकी गुमशुदगी पर कोई सवाल न उठे। इसी वजह से बुजुर्ग भिखारी को उसने आसान शिकार बनाया।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आरोपी से जुड़े अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।





