
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
Varanasi. सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही। दिन में एक बार तेज बारिश हुई, जिससे शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। हालांकि कुछ देर बाद बारिश थम गई और बादल छंटने के साथ धूप भी निकल आई। लगा कि मौसम अब साफ हो गया है, लेकिन शाम होते-होते मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली।
धीरे-धीरे आसमान में काली घटाएं छाने लगीं और करीब छह बजे तक घने बादलों ने पूरे शहर को ढक लिया। देखते ही देखते दिन में ही अंधेरा छा गया। इसके कुछ ही देर बाद तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। काफी देर तक हुई बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई।
सड़कों पर पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई निचले इलाकों में पानी जमा होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। बारिश के दौरान शहर की कई प्रमुख सड़कों पर भी पानी भर गया, जिससे यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, तेज बारिश होते ही कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ जाती है। जलनिकासी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक सड़कों पर जमा रहता है।
वहीं, गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को भी शहर के तटवर्ती इलाकों में जलभराव की स्थिति का एक कारण माना जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण गंगा उफान पर है और जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहा तो आने वाले दिनों में शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है।





