
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में धनबल के संभावित दुरुपयोग को लेकर चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की हाई-प्रोफाइल भबानीपुर सीट समेत राज्य की 55 विधानसभा सीटों को खर्च के लिहाज से ‘संवेदनशील’ घोषित किया है। आशंका जताई जा रही है कि इन सीटों पर उम्मीदवार तय सीमा से अधिक धन खर्च कर सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने निगरानी को मजबूत करने के लिए राज्यभर में 100 विशेष पर्यवेक्षकों की तैनाती की है। चुनावी इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में पर्यवेक्षक लगाए गए हैं।
अवैध कैश और सामान की जब्ती में बंगाल दूसरे स्थान पर
चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए अवैध नकदी, शराब, मादक पदार्थ और मुफ्त बांटे जाने वाले सामान का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। जब्ती के मामलों में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु के बाद देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। अब तक विभिन्न चुनावी राज्यों से कुल 1,281 करोड़ रुपये की संदिग्ध सामग्री जब्त की जा चुकी है। इसमें 105 करोड़ रुपये के आभूषण और 178 करोड़ रुपये का मुफ्त वितरण के लिए रखा गया सामान शामिल है। खास बात यह है कि अकेले पश्चिम बंगाल से 17 अप्रैल तक 430 करोड़ रुपये की अवैध सामग्री बरामद हुई है।
सीमावर्ती इलाकों पर विशेष नजर
चुनाव आयोग ने बांग्लादेश से सटे इलाकों को विशेष निगरानी में रखा है। संवेदनशील सीटों में उत्तर 24 परगना, मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर जैसे सीमावर्ती जिले शामिल हैं, जहां से भारी मात्रा में अवैध कैश और अन्य सामग्री जब्त की गई है। इसके अलावा 8 विधानसभा सीटें सीधे बांग्लादेश सीमा से जुड़ी हैं, जहां सख्ती और बढ़ा दी गई है। इन क्षेत्रों में हर गतिविधि पर आयोग की पैनी नजर बनी हुई है।
कोलकाता की 7 सीटें भी संवेदनशील, भबानीपुर में कड़ा मुकाबला
राजधानी कोलकाता की 7 सीटों को भी संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है, जिनमें उत्तर और दक्षिण कोलकाता की सीटें शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा भबानीपुर सीट की है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला है। पिछली बार नंदीग्राम में मिली हार के बाद ममता बनर्जी ने भबानीपुर उपचुनाव जीतकर वापसी की थी। इस बार दोनों नेताओं के बीच सियासी टकराव और भी दिलचस्प हो गया है, जिसे देखते हुए चुनाव आयोग किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता।




