
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के पास न हो पाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विपक्षी दलों के व्यवहार की तुलना महाभारत के द्रौपदी चीरहरण प्रसंग से करते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। CM ने कहा कि संसद में 131वें संविधान संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष का रवैया गैर-जिम्मेदाराना रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और DMK जैसे दलों का आचरण संसद की गरिमा के अनुरूप नहीं था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से लाए गए इस विधेयक पर बेवजह के मुद्दे उठाए गए।
विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप
मुख्यमंत्री ने खास तौर पर समाजवादी पार्टी द्वारा मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की मांग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की मांगें महिलाओं के व्यापक सशक्तिकरण के उद्देश्य से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं। योगी ने यह भी कहा कि विपक्ष संविधान की बात तो करता है, लेकिन डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूल भावना के विपरीत काम कर रहा है।
दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व पर केंद्र का भरोसा
दक्षिण भारत के राज्यों के प्रतिनिधित्व को लेकर उठी चिंताओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि 2011 की जनगणना के आधार पर होने वाले परिसीमन में दक्षिणी राज्यों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि उत्तर और पूर्वी राज्यों की तरह दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व भी संतुलित तरीके से बढ़ेगा।




