
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
मथुरा: बिजली विभाग के भीतर कार्यशैली और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है, कि एस.पी. सिंह द्वारा अधीनस्थ अवर अभियंताओं के साथ अभद्र भाषा, दबावपूर्ण रवैये और अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है। विभागीय गलियारों में चर्चा है, कि ट्रांसफार्मर मरम्मत को लेकर पीआर वापस लेने तथा अपने स्तर से ही उसे ठीक कराने का दबाव बनाया जा रहा है।
कर्मचारियों का आरोप है, कि समस्या के समाधान के बजाय अधीनस्थों पर अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है, और विरोध करने पर गाली-गलौज जैसी भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे माहौल में अवर अभियंताओं के सामने बड़ा सवाल खड़ा हो गया है, कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाएं या अपमान और दबाव का बोझ उठाएं ?
यदि आरोप सही हैं, तो यह मामला केवल विभागीय अनुशासन का नहीं, बल्कि कार्यस्थल पर गरिमा, सम्मान और प्रशासनिक जवाबदेही का भी है।
एक ओर विभाग जनता को बेहतर बिजली व्यवस्था देने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर अंदरूनी कार्यसंस्कृति पर उठ रहे सवाल विभाग की छवि को धूमिल कर रहे हैं।





