
- रिपोर्ट: प्राची सिंह
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को मिले दान में कथित गड़बड़ी और हेराफेरी के मामले में वरिष्ठ भाजपा नेता और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार के बयान से राजनीतिक और धार्मिक हलकों में हलचल मच गई है। कटियार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, एडमिनिस्ट्रेटर गोपाल राव और पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर निशाना साधते हुए दावा किया कि जांच पूरी होने के बाद इन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इस बीच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) और उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मामले की जांच तेज कर दी है।
‘पैसे का गबन हुआ है, दोषियों को सजा मिलेगी’
विनय कटियार ने कहा कि राम मंदिर को मिले चढ़ावे में कथित रूप से धन का गबन हुआ है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस विषय पर उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी चर्चा हुई थी। कटियार ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी और ट्रस्ट से जुड़े कुछ पूर्व पदाधिकारियों को जेल भी जाना पड़ सकता है।
राम मंदिर आंदोलन की यादें कीं साझा
अपने बयान के दौरान विनय कटियार ने राम मंदिर आंदोलन के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि मंदिर निर्माण के लिए कई लोगों ने बलिदान दिया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें एक कुशल प्रशासक बताया। कटियार ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन केवल एक धार्मिक अभियान नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का विषय रहा है।
SIT ने जांच के लिए 15 दिन का समय और बढ़ाया
राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही एसआईटी ने मामले की विस्तृत पड़ताल के लिए जांच अवधि 15 दिन और बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है ताकि यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
SOG की पूछताछ जारी
मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की एसओजी भी सक्रिय है। जांच के क्रम में आरोपी अविनाश शुक्ला से अयोध्या स्थित एसओजी कार्यालय में लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस प्रकरण में और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
हालांकि, यह मामला अभी जांच के अधीन है और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।



