
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) मंडल में राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन एवं कार्यालयीन कार्यों में उसके अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को मंडल कार्यालय के सभागार में मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक श्री उदय सिंह मीना ने की।
बैठक में मंडल में राजभाषा हिंदी के प्रयोग की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक उपयोग पर बल दिया गया। इस अवसर पर राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्युत (कर्षण चल स्टॉक) विभाग को प्रोत्साहन स्वरूप राजभाषा चल शील्ड प्रदान की गई। साथ ही गत तिमाही में विभिन्न कार्यालयों एवं स्टेशनों पर किए गए राजभाषा निरीक्षण, हिंदी कार्यशालाओं तथा अन्य राजभाषा संबंधी गतिविधियों की भी समीक्षा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए मंडल रेल प्रबंधक श्री उदय सिंह मीना ने कहा कि हिंदी अभिव्यक्ति का सहज, सरल एवं प्रभावी माध्यम है तथा कार्यालयीन कार्यों में इसका अधिकाधिक प्रयोग करना हमारा नैतिक कर्तव्य ही नहीं, बल्कि संवैधानिक दायित्व भी है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से नियमित पठन-पाठन की संस्कृति विकसित करने, पुस्तकालयों का अधिकाधिक उपयोग करने तथा सरल, सहज एवं व्यवहारिक हिंदी को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान तकनीकी संसाधनों एवं ई-ऑफिस प्रणाली के कारण हिंदी में कार्य करना पहले की अपेक्षा अधिक सरल और सुविधाजनक हो गया है।
अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी सह अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री कुलदीप ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से ई-ऑफिस सहित सभी कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करने तथा अपने आचरण एवं कार्यशैली से अधीनस्थ कर्मचारियों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
बैठक में मंडल की सभी शाखाओं के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वयन अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी सह अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री कुलदीप ने किया, जबकि संचालन राजभाषा अधिकारी श्री राजेश कुमार ने किया।यदि चाहें, इसे रेलवे की पीआरओ शैली में और भी अधिक समाचार-पत्रों के अनुकूल, आकर्षक एवं प्रभावशाली बनाया जा सकता है।



