
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। प्रयागराज बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारतीय ज्ञान परिषद ने देशव्यापी ऑनलाइन योग अभियान आयोजित कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस अभियान में देश के विभिन्न राज्यों से एक लाख से अधिक लोगों ने एक साथ ऑनलाइन योगाभ्यास कर सहभागिता दर्ज कराई। आयोजन का उद्देश्य योग के माध्यम से शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा भारत की प्राचीन योग परंपरा का व्यापक प्रचार-प्रसार करना था।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, युवाओं, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भारतीय ज्ञान परिषद के संयोजक आचार्य शिवेंद्र कुमार ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि संतुलित, स्वस्थ और सकारात्मक जीवन जीने की संपूर्ण जीवनशैली है।
परिषद के प्रमुख आचार्य शिवम भूषण ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जो संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने सभी लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर स्वस्थ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कलाकार एवं राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश के सदस्य कला-आचार्य रवीन्द्र कुशवाहा ने कहा कि भारतीय योग में निहित कुंडलिनी जागृति का अलौकिक ज्ञान विश्व को भारत की अनुपम देन है। उन्होंने विश्व योग दिवस के अवसर पर अपनी विश्व प्रसिद्ध पेंटिंग ‘योगा’ जनजागरण के लिए समर्पित करते हुए मीडिया को भी भेंट की।
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर भारतीय ज्ञान परिषद ने सभी प्रतिभागियों, सहयोगियों एवं योग प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया।




