
- वाराणसी ब्यूरो पंकज झा
वाराणसी। चौक थाने में दर्ज एक मामले की जांच लंबित रहने और छह माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आरोपपत्र दाखिल न किए जाने को लेकर आजाद सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अपने अधिवक्ता अनुज यादव के माध्यम से प्रगति रिपोर्ट तलब किए जाने की अर्जी दाखिल की है।
अर्जी में कहा गया है कि एफआईआर दर्ज होने के मात्र दस दिनों के भीतर पुलिस ने उनकी न्यायिक हिरासत की मांग की थी, लेकिन आठ माह बीत जाने के बाद भी न तो विवेचना पूरी की गई और न ही सक्षम न्यायालय में आरोपपत्र प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने अदालत के समक्ष प्रश्न उठाया कि जब न्यायिक हिरासत के लिए पर्याप्त आधार उपलब्ध थे, तब बिना किसी स्पष्ट और न्यायोचित कारण के जांच को इतने लंबे समय तक लंबित रखना कितना उचित है। उन्होंने मामले में अब तक हुई समस्त विवेचना की प्रगति रिपोर्ट तलब किए जाने की मांग की है।
मामले पर सुनवाई करते हुए अदालत ने चौक पुलिस से आख्या तलब करते हुए अगली सुनवाई के लिए 24 जुलाई की तिथि निर्धारित की है उल्लेखनीय है कि बड़ी पियरी निवासी हिन्दू युवा वाहिनी के नेता एवं वीडीए के मानद सदस्य अम्बरीष सिंह भोला की शिकायत पर 9 दिसंबर को चौक थाने में अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर तथा एक अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अमिताभ ठाकुर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर उनके खिलाफ झूठे और मानहानिकारक आरोप लगाए तथा बहुचर्चित कफ सिरप प्रकरण में बिना किसी साक्ष्य के उनका नाम जोड़ते हुए भ्रामक जानकारी प्रसारित की, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची। इसी मामले में अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्हें न्यायालय से जमानत मिल गई। अब उन्होंने विवेचना में हो रही देरी और आरोपपत्र दाखिल न किए जाने के मुद्दे पर अदालत का दरवाजा खटखटाया है।





