
- वाराणसी ब्यूरो पंकज झा
वाराणसी। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘साइबर वज्र (CY-Vazra)’ के तहत साइबर क्राइम थाना वाराणसी को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कैंट थाना क्षेत्र में संचालित एक संगठित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 8 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, 68,275 रुपये नगद और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े कई महत्वपूर्ण डिजिटल एवं भौतिक साक्ष्य बरामद किए गए हैं। मामले में अन्य संलिप्त लोगों और तकनीकी सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे साइबर वज्र अभियान के तहत पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल के निर्देशन में की गई। पुलिस उपायुक्त (अपराध) नीतू कादयान, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) नृपेन्द्र के पर्यवेक्षण और सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर क्राइम) विनय द्विवेदी के नेतृत्व में साइबर क्राइम थाना की विशेष टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई की।
ऐसे चल रहा था ऑनलाइन सट्टे का खेल
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी एक संगठित गिरोह के रूप में ‘भाग्यलक्ष्मी’ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अवैध सट्टेबाजी का संचालन कर रहे थे। गिरोह के सदस्य स्थानीय स्तर पर लोगों से संपर्क कर उन्हें ऑनलाइन सट्टा खेलने के लिए वेबसाइट का लिंक उपलब्ध कराते थे।
आरोपियों द्वारा खिलाड़ियों से नगद और ऑनलाइन माध्यम से पैसे लिए जाते थे तथा अलग-अलग समय स्लॉट में अंक आधारित सट्टा खिलाया जाता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह द्वारा वेबसाइट संचालकों के माध्यम से परिणामों में हेरफेर कर खिलाड़ियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जाता था और अवैध लाभ कमाया जाता था।
गिरोह ग्राहक संपर्क, भुगतान और नेटवर्क संचालन के लिए व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता था। बरामद मोबाइल फोन की जांच में ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े चैट, व्हाट्सएप ग्रुप, ऑडियो रिकॉर्डिंग, भुगतान विवरण और हिसाब-किताब से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनका डिजिटल फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल—
पवन अग्रहरि (31 वर्ष), पुत्र मुन्नूलाल अग्रहरि, निवासी सदर बाजार, थाना कैंट, वाराणसी।
अंशुमान चंद्र (30 वर्ष), पुत्र स्व. रमेश कुमार, निवासी सदर बाजार, थाना कैंट, वाराणसी।
(अन्य गिरफ्तार आरोपियों का विवरण पुलिस द्वारा जारी किया जा रहा है।)
पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। साइबर अपराध और अवैध ऑनलाइन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।




