
- पंकज झा वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। गाजीपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर अब जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के लिए ग्रामीणों से उपयोग शुल्क वसूला जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य गांवों में नियमित साफ-सफाई, कूड़ा संग्रहण, कचरा निस्तारण और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना है।
जिलाधिकारी ने सभी ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ग्राम पंचायतों में उपयोग शुल्क की व्यवस्था को नियमानुसार लागू किया जाए। इस शुल्क से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग गांवों में सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था, कूड़ा उठान, कूड़ेदान की व्यवस्था, कचरा प्रबंधन तथा अन्य स्वच्छता संबंधी कार्यों पर किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर और नियमित सफाई व्यवस्था विकसित हो सके।
हालांकि प्रशासन के इस फैसले के बाद ग्राम प्रधानों की जिम्मेदारी पहले से अधिक बढ़ गई है। अब उन्हें ग्रामीणों को इस व्यवस्था के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ निर्धारित उपयोग शुल्क की वसूली भी सुनिश्चित करनी होगी। माना जा रहा है कि कई स्थानों पर ग्रामीणों को इस नई व्यवस्था के लिए तैयार करना प्रधानों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
जिला प्रशासन का कहना है कि उपयोग शुल्क का उद्देश्य ग्रामीणों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी और गुणवत्तापूर्ण स्वच्छता व्यवस्था स्थापित करना है। यदि ग्राम पंचायतों को नियमित संसाधन उपलब्ध होंगे तो कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था में सुधार होगा, जिससे गांवों का वातावरण स्वच्छ, सुंदर और स्वास्थ्यवर्धक बन सकेगा।
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से इस व्यवस्था को लागू करने तथा इसकी नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए हैं। आने वाले समय में इस नई व्यवस्था का प्रभाव जिले की सभी ग्राम पंचायतों में देखने को मिल सकता है




