
गाजियाबाद : बुधवार सुबह इंदिरापुरम स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक लग्ज़री टावर के कई अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि नौवीं से ग्यारहवीं मंजिल तक कम से कम सात फ्लैट पूरी तरह जलकर खाक हो गए, जबकि आसपास की पांच यूनिट भी इसकी चपेट में आ गईं। राहत की बात यह रही कि समय रहते लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, आग सबसे पहले सुबह करीब 8:30 बजे सोसाइटी के सिक्योरिटी गार्ड्स ने देखी। प्रत्यक्षदर्शियों अजय शर्मा और सारिका ने बताया कि आग डी ब्लॉक के फ्लैट नंबर 943 में लगी थी, जो कथित तौर पर मिस्टर पालीवाल का बताया जा रहा है। देखते ही देखते घना धुआं और लपटें ऊपर की मंजिलों तक फैल गईं, जिससे अन्य फ्लैट भी खतरे में आ गए।
जैसे ही कॉरिडोर और बालकनी में धुआं भरने लगा, लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि, सोसाइटी के फायर अलार्म और वॉटर होज़ सिस्टम तुरंत सक्रिय हो गए, जिससे शुरुआती स्तर पर आग पर काबू पाने में मदद मिली। सिक्योरिटी स्टाफ ने भी मौके पर पहुंचकर फायर एक्सटिंग्विशर से आग बुझाने की कोशिश की।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग हरकत में आया। गाजियाबाद के चीफ फायर ऑफिसर राहुल कुमार के अनुसार, सुबह करीब 8:50 बजे कॉल मिलने के बाद 17 से अधिक फायर टेंडर मौके पर भेजे गए, जिनमें गौतम बुद्ध नगर से आई टीम भी शामिल थी। हाइड्रोलिक और रेस्क्यू टीमों की मदद से ऊपरी मंजिलों तक पहुंचकर आग बुझाने का काम किया गया।
हालांकि, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ऊंची मंजिलों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त ऊंचाई वाली सीढ़ियां नहीं होने से शुरुआती राहत कार्य में दिक्कतें आईं। इस दौरान कई निवासियों ने खुद ही एक-दूसरे की मदद करते हुए परिवारों को सीढ़ियों के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
बताया जा रहा है कि जिस फ्लैट में आग लगी, वह उस समय बाहर से बंद था, जिससे दमकल कर्मियों को दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करना पड़ा। आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रहे केमिकल से जुड़ी बताई जा रही है।
करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। घटना के बाद कई फ्लैट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जली हुई बालकनियां, काली पड़ी दीवारें और टूटे शीशे हादसे की भयावहता बयां कर रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन ने इस पूरे मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं, ताकि आग लगने के सही कारणों और किसी संभावित लापरवाही की जांच की जा सके।





