
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। सपा शासनकाल में वर्ष 2005 के चर्चित ज्ञानवापी क्षेत्र में हुए बवाल से जुड़े मामले में लंबे समय बाद बड़ा न्यायिक निर्णय सामने आया है। लगभग दो दशक से अधिक समय तक चली सुनवाई के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस प्रकरण में नामजद वरिष्ठ भाजपा नेताओं समेत सभी 14 आरोपियों को दोषमुक्त करार दे दिया। यह मामला 2 सितंबर 2005 को ज्ञानवापी क्षेत्र में हुई घटना से जुड़ा है, जिसके बाद दर्ज मुकदमे में कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान लंबे समय तक साक्ष्यों का परीक्षण, गवाहों के बयान और विस्तृत जिरह हुई।
सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह माना कि आरोप सिद्ध नहीं हो पाए, जिसके चलते सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी सहित अधिवक्ता गुलाम गौश खान और आशिफ उमर ने पैरवी की।
अदालत ने सभी तथ्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया। इस निर्णय के साथ वर्षों से लंबित इस मामले का पटाक्षेप हो गया और सभी 14 आरोपियों को न्यायालय से बड़ी राहत मिली।





