
नई दिल्ली: मानसून जहां भीषण गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं इस मौसम में डायरिया, टाइफाइड, पीलिया, फूड पॉइजनिंग और पेट से जुड़ी अन्य बीमारियों का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। लगातार बारिश, जलभराव और दूषित पानी के कारण संक्रमण तेजी से फैलता है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने लोगों को खान-पान और स्वच्छता को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार जून से सितंबर के बीच नमी (ह्यूमिडिटी) बढ़ने और जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने से बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। यही वजह है कि इस दौरान भोजन और पेयजल की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना जरूरी हो जाता है।
बच्चों की इम्यूनिटी पर दें खास ध्यान
क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. नूपुर कृष्णन का कहना है कि मानसून में कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चे संक्रमण की चपेट में जल्दी आते हैं। ऐसे में बच्चों के भोजन में दूध, ताजे फल, हरी सब्जियां और प्रोटीन युक्त आहार शामिल करना चाहिए।
उन्होंने सलाह दी कि इस मौसम में तले-भुने और जंक फूड का सेवन कम करें। कच्चे और ठंडे खाद्य पदार्थों की जगह गर्म सूप, ताजा पका हुआ भोजन और हल्का आहार बेहतर विकल्प हैं।
मानसून में क्यों बढ़ता है संक्रमण का खतरा?
विशेषज्ञों के मुताबिक अधिक नमी, गर्म वातावरण और जलभराव के कारण E. coli, साल्मोनेला और बैसिलस सेरियस जैसे बैक्टीरिया तेजी से विकसित होते हैं। इससे फूड पॉइजनिंग और गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट प्राची मंडोलिया के अनुसार, मानसून में सिर्फ पौष्टिक भोजन खाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भोजन को सुरक्षित तरीके से तैयार करना और स्टोर करना भी उतना ही आवश्यक है।
- क्या करें और क्या न करें?
1. सुरक्षित पानी पिएं
- पानी को उबालकर या RO+UV प्यूरीफायर से शुद्ध करके ही पिएं।
- प्यूरीफायर के फिल्टर समय-समय पर बदलें।
- सड़क किनारे मिलने वाले खुले पेय पदार्थों से बचें।
2. स्ट्रीट फूड सोच-समझकर खाएं
- केवल ताजा और गर्म परोसा गया भोजन ही खाएं।
- भेलपुरी, सेवपुरी, दही भल्ला, मेयोनेज़ वाले रोल और लंबे समय से खुले में रखे खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
- भोजन पर कच्चा प्याज, पत्तागोभी या धनिया डालने से बचें।
3. फल और सब्जियां अच्छी तरह धोएं
- सभी फल और सब्जियों को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर ही उपयोग करें।
- कटे हुए फल खरीदने से बचें और केले, संतरे, अमरूद तथा अनार जैसे साबुत फल प्राथमिकता से खाएं।
- बाहर कच्चा सलाद और अंकुरित अनाज (स्प्राउट्स) खाने से बचें।
रसोई की सफाई भी है जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि रसोई की स्वच्छता बनाए रखना संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
- पका हुआ भोजन दो घंटे से अधिक कमरे के तापमान पर न रखें।
- बचा हुआ खाना तुरंत फ्रिज में रखें और खाने से पहले अच्छी तरह गर्म करें।
- दूध को उबालकर ही इस्तेमाल करें और डेयरी उत्पादों को उचित तापमान पर सुरक्षित रखें।
- रसोई के काउंटर, चाकू और कटिंग बोर्ड को नियमित रूप से साफ और कीटाणुरहित करें।
इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए अपनाएं ये उपाय
विशेषज्ञों ने मानसून में अदरक, लहसुन, हल्दी, काली मिर्च, जीरा और अजवायन जैसे मसालों का सेवन बढ़ाने की सलाह दी है। इसके अलावा खिचड़ी, दाल-चावल, गर्म सूप, घर का ताजा दही, छाछ और हर्बल चाय जैसे हल्के एवं सुपाच्य भोजन को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून के दौरान स्वच्छ भोजन, शुद्ध पेयजल और रसोई की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए, तो पेट और पाचन संबंधी अधिकांश मौसमी बीमारियों से बचाव संभव है।




