
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
वाराणसी। अवैध रूप से गांजा और भांग की तस्करी के मामले में फंसे तीन आरोपियों को वाराणसी की फास्ट ट्रैक कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में सभी को दोषमुक्त कर दिया।
फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला
फास्ट ट्रैक कोर्ट (द्वितीय) के न्यायाधीश सुनील कुमार की अदालत ने मामले का विचारण पूरा होने के बाद आरोप सिद्ध न होने पर जैतपुरा निवासी कृष्ण कुमार, भभुआ, बिहार निवासी फूलचंद यादव और अलीनगर, चंदौली निवासी सूरज प्रजापति को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव और बृजपाल सिंह यादव ‘गुड्डू’ ने दलीलें रखीं।
2012 का पूरा मामला क्या था?
अभियोजन पक्ष के अनुसार 15 जुलाई 2012 को थानाध्यक्ष आदमपुर अवनीश पाल सिंह क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि प्रहलाद घाट निवासी किशन लाल यादव गांजे की तस्करी करता है और अपने साथियों के साथ हीरोहोंडा ग्लैमर से घर गया है। उसके घर पर काफी मात्रा में नाजायज गांजा रखा है।
इस सूचना पर पुलिस टीम ने तुरंत किशन लाल यादव के मकान पर छापेमारी की। वहां उक्त मोटरसाइकिल खड़ी मिली। पुलिस जब घर के अंदर पहुंची तो कमरे में तीन व्यक्ति मौजूद थे और भारी मात्रा में नाजायज गांजा व भांग रखा हुआ था।
पूछताछ में तीनों ने अपना नाम किशन लाल यादव, फूलचंद यादव और सूरज प्रजापति बताया। तलाशी में उनके पास से 32 किलो 200 ग्राम गांजा और 103 किलो 400 ग्राम भांग बरामद की गई थी।
लंबी सुनवाई और गवाहों के बयान के बाद कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में तीनों आरोपियों को बरी कर दिया।





