
-कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन की कराई गई कथित फर्जी रजिस्ट्री, हंडिया पुलिस ने दो आधार कार्डों के साथ तीन महिलाओं को दबोचा
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। प्रयागराज जमीन की खरीद-फरोख्त में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बनाने का मामला सामने आया है। प्रयागराज कमिश्नरेट के गंगानगर जोन में हंडिया पुलिस ने जमीन के कथित फर्जी बैनामे के जरिए 63 लाख 85 हजार रुपये की धोखाधड़ी के मामले में तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपित महिलाओं ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और उन्हीं के आधार पर जमीन का बैनामा कराकर मुकदमे के वादी से मोटी रकम ट्रांसफर कराई। पुलिस ने 10 अक्टूबर 2026 को हंडिया तहसील स्थित शास्त्री भवन के पास से तीनों महिलाओं को गिरफ्तार किया। इस दौरान दो आधार कार्ड भी बरामद किए गए।
जमीन के सौदे में ऐसे हुई कथित धोखाधड़ी
पुलिस के अनुसार, यह मामला थाना हंडिया में दर्ज मुकदमा संख्या 517/2026 से संबंधित है। मुकदमे के वादी कमल प्रकाश, निवासी ग्राम बंदीपट्टी, थाना सरायममरेज, प्रयागराज की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
आरोप है कि गिरफ्तार महिलाओं ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और थाना सरायममरेज क्षेत्र के ग्राम सेवार जरियार स्थित गाटा संख्या-26 की भूमि का कथित फर्जी बैनामा कराया। इस प्रक्रिया में वादी से कुल 63,85,000 रुपये ट्रांसफर कराकर धोखाधड़ी किए जाने का आरोप है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। इसी क्रम में हंडिया पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपित महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार महिलाओं की पहचान
पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, गिरफ्तार महिलाओं की पहचान इस प्रकार है—
1. रीता कुशवाहा (करीब 40 वर्ष), पत्नी स्वर्गीय बब्लू कुशवाहा, निवासी एलनगंज, थाना कर्नलगंज, प्रयागराज।
2. नीलू मौर्या (करीब 36 वर्ष), पत्नी बृजेश कुशवाहा, निवासी एलनगंज, थाना कर्नलगंज, प्रयागराज।
3. मंजू देवी (करीब 55 वर्ष), पत्नी बृजेश वाल्मिकी, निवासी रेलवे कॉलोनी, लूकरगंज, थाना खुल्दाबाद, प्रयागराज।
पुलिस ने तीनों आरोपितों को हिरासत में लेकर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की है।
दो आधार कार्ड बरामद, जांच में जुटी पुलिस
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने रीता कुशवाहा के कब्जे से एक आधार कार्ड और नीलू मौर्या के कब्जे से एक आधार कार्ड बरामद किया। इस प्रकार कुल दो आधार कार्ड पुलिस के हाथ लगे हैं।
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई जमीन के कथित फर्जी बैनामे और दस्तावेजों में हेराफेरी कर धोखाधड़ी किए जाने के मामले में की गई है। प्रकरण में अन्य सहयोगियों की भूमिका तथा कथित फर्जी दस्तावेजों से जुड़े तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
पुलिस आयुक्त और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस उपायुक्त एवं अपर पुलिस उपायुक्त, गंगानगर जोन के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त, हंडिया के नेतृत्व में थाना हंडिया की टीम ने आरोपित महिलाओं को गिरफ्तार किया।
इन पुलिसकर्मियों की टीम ने की गिरफ्तारी
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश, उपनिरीक्षक राम मिलन यादव, महिला उपनिरीक्षक आराधना सिंह, कांस्टेबल महेश पाल, महिला कांस्टेबल सोनम देवी, महिला कांस्टेबल अंजना वर्मा और रिजर्व महिला कांस्टेबल पूजा गौड़ शामिल रहीं।
जमीन के सौदों में दस्तावेजों की जांच जरूरी
जमीन की खरीद-फरोख्त में दस्तावेजों की प्रामाणिकता और स्वामित्व की पुष्टि बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में पुलिस के सामने कथित फर्जी बैनामे, कूटरचित दस्तावेजों और 63.85 लाख रुपये के लेनदेन से जुड़े तथ्यों की जांच अहम है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित धोखाधड़ी में किसकी क्या भूमिका रही और अन्य कौन-कौन लोग इसमें शामिल थे।
फिलहाल, हंडिया पुलिस की कार्रवाई ने जमीन के सौदे में कथित जालसाजी के इस मामले को चर्चा में ला दिया है। अब जांच के निष्कर्ष और उपलब्ध साक्ष्य आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय करेंगे। आरोपित महिलाओं के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।




