
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। रेल यात्रियों की सुरक्षा, बेहतर यात्री सुविधाओं, स्टेशन परिसरों की स्वच्छता और रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) वाराणसी आशीष जैन ने शनिवार को बनारस–झूंसी रेलखंड का विंडो निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने झूंसी, हंडियाखास एवं भीटी स्टेशनों पर पहुंचकर यात्री सुविधाओं, रेल संरक्षा व्यवस्था और विभिन्न तकनीकी उपकरणों की कार्यशीलता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ मंडल के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
यात्री सुविधाओं से लेकर संरक्षा उपकरणों तक हर व्यवस्था की हुई पड़ताल
निरीक्षण के दौरान डीआरएम आशीष जैन ने स्टेशनों पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने स्टेशन भवन, प्लेटफॉर्म, फुट ओवर ब्रिज, सर्कुलेटिंग एरिया, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने तथा स्टेशन परिसरों में स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना रेलवे की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। इसी उद्देश्य से डीआरएम ने निरीक्षण के दौरान विभिन्न व्यवस्थाओं की स्थिति का आकलन किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार के लिए निर्देशित किया।
रेल परिचालन में नियमों के पालन पर विशेष जोर
बनारस–झूंसी रेलखंड के निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने झूंसी, हंडियाखास एवं भीटी स्टेशनों पर रेल परिचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित स्टेशन मास्टरों से गाड़ियों के परिचालन तथा निर्धारित नियमों के अनुपालन के संबंध में जानकारी ली। हंडियाखास स्टेशन पर उन्होंने पॉइंट्समैन से भी परिचालन संबंधी नियमों और कार्यप्रणाली के बारे में पूछताछ की।
निरीक्षण का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि रेल परिचालन से जुड़े सभी कार्य निर्धारित मानकों एवं संरक्षा नियमों के अनुरूप संचालित हों। रेलवे में छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम उत्पन्न कर सकती है। ऐसे में परिचालन से जुड़े कर्मचारियों की सतर्कता, नियमों की जानकारी और उपकरणों की कार्यशीलता का नियमित परीक्षण महत्वपूर्ण माना जाता है।
पैनल इंटरलॉकिंग, आपातकालीन बटन और संचार उपकरणों की जांच
डीआरएम श्री जैन ने निरीक्षण के दौरान रेल संरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण तकनीकी उपकरणों की कार्यशीलता की भी जांच की। उन्होंने पैनल इंटरलॉकिंग, आपातकालीन बटन, संकेतक एवं डिस्प्ले, संचार उपकरण, समपार फोन तथा अग्निशमन यंत्रों की स्थिति का अवलोकन किया।
इन उपकरणों का सुचारु रूप से कार्य करना सुरक्षित रेल परिचालन के लिए आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान संबंधित व्यवस्थाओं की पड़ताल करते हुए डीआरएम ने संरक्षा उपकरणों को सदैव कार्यशील स्थिति में रखने तथा किसी भी तकनीकी कमी को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध तरीके से दूर करने पर जोर दिया।
हंडियाखास स्टेशन के तकनीकी कक्षों का भी किया निरीक्षण
हंडियाखास स्टेशन पर निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने तकनीकी व्यवस्थाओं की विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने रिले रूम, आईपीएस रूम, बैटरी रूम, एक्सल काउंटर और डाटा लॉगर का निरीक्षण कर इनसे संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
इसके अतिरिक्त उन्होंने कर्मचारियों की योग्यता, कार्य के प्रति तत्परता और संरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों के निर्वहन का आकलन किया। संबंधित अभिलेखों का भी अवलोकन किया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि परिचालन से जुड़े कार्य निर्धारित प्रक्रियाओं और नियमों के अनुसार किए जा रहे हैं।
रेलवे में तकनीकी उपकरणों की विश्वसनीयता और कर्मचारियों की सतर्कता का सीधा संबंध परिचालन की सुरक्षा से होता है। इस दृष्टि से डीआरएम का यह निरीक्षण विभिन्न तकनीकी व्यवस्थाओं की स्थिति की समीक्षा करने और कार्यप्रणाली को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।
स्वच्छता, यात्री सुविधाओं और संरक्षा नियमों के पालन के दिए निर्देश
निरीक्षण के उपरांत मंडल रेल प्रबंधक श्री आशीष जैन ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यात्री सुविधाओं में निरंतर सुधार करने, स्टेशन परिसरों में साफ-सफाई बनाए रखने और सभी संरक्षा उपकरणों को कार्यशील स्थिति में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने रेल परिचालन में संरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
डीआरएम के इस निरीक्षण में यात्री सुविधाओं, स्टेशन की स्वच्छता, तकनीकी व्यवस्थाओं और परिचालन संबंधी नियमों को एक साथ केंद्र में रखा गया। रेलवे व्यवस्था में सुधार के लिए नियमित निरीक्षण, अधिकारियों की जवाबदेही और कर्मचारियों की सजगता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे निरीक्षणों के माध्यम से कमियों की पहचान करने और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के अवसर मिलते हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (तृतीय) श्री आयुष कुमार, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी श्री आशुतोष पाण्डेय, मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर श्री पुष्पेंद्र बैस, सहायक मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री डी.के. सिंह तथा सहायक मंडल विद्युत इंजीनियर श्री गोपाल दास गुप्ता सहित संबंधित वरिष्ठ पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।
निरीक्षण का संदेश स्पष्ट—सुरक्षित रेल परिचालन और बेहतर यात्री सुविधाएं सर्वोपरि
मंडल रेल प्रबंधक श्री आशीष जैन द्वारा बनारस–झूंसी रेलखंड के विभिन्न स्टेशनों पर किया गया निरीक्षण रेल परिचालन की सुरक्षा, यात्री सुविधाओं के सुधार और तकनीकी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी के महत्व को रेखांकित करता है। स्टेशन परिसरों की स्वच्छता से लेकर महत्वपूर्ण संरक्षा उपकरणों की कार्यशीलता तक विभिन्न पहलुओं की समीक्षा कर उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए।
रेल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा किसी भी रेल मंडल की कार्यप्रणाली के महत्वपूर्ण मानक हैं। ऐसे में निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का प्रभावी अनुपालन और उनकी नियमित समीक्षा ही व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने में सहायक होगी।




