
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के थाना सूरजपुर पुलिस ने बंद मकानों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस मुठभेड़ के दौरान दो बदमाश घायल हो गए, जबकि दो अन्य को कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाकर पकड़ा गया। आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये के जेवरात, नकदी, अवैध हथियार और दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को मोजर वियर गोलचक्कर के पास सर्विस रोड पर चेकिंग के दौरान बिना नंबर प्लेट की दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास किए जाने पर आरोपी भागने लगे और पीछा करने पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में वकील उर्फ रिजवान और सरफराज उर्फ फैज घायल हो गए, जबकि उनके साथी भोले उर्फ भोला और अलीजान को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से करीब 51 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण, 1.25 लाख रुपये के चांदी के जेवर, 11.27 लाख रुपये नकद, दो मोटरसाइकिलें और चार अवैध तमंचे बरामद हुए हैं। बरामद कुल माल की कीमत 63 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह नोएडा, ग्रेटर नोएडा और एनसीआर क्षेत्र में बंद पड़े मकानों की रेकी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। गिरोह का सदस्य भोले पेशे से रैपिडो चालक है, जो विभिन्न सोसायटियों में घूमकर बंद मकानों की जानकारी जुटाता था और फिर अपने साथियों को सूचना देता था। इसके बाद गिरोह योजनाबद्ध तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम देता था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि बरामद सामान में थाना सूरजपुर क्षेत्र की पैरामाउंट सोसायटी में 25 अप्रैल 2026 को हुई बड़ी चोरी का माल भी शामिल है। इसके अलावा ग्राम जैतपुर और सेक्टर-144 स्थित मगध एन्क्लेव में हुई चोरी की घटनाओं से जुड़ी नकदी और जेवरात भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी शातिर अपराधी हैं और इनके खिलाफ गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, सम्भल, हापुड़ और रामपुर समेत कई जिलों में चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों के कई मुकदमे दर्ज हैं। मुख्य आरोपी वकील उर्फ रिजवान पर 32 से अधिक और सरफराज पर 17 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि बरामद माल की पहचान कर उसे पीड़ितों को लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही आरोपियों से गहन पूछताछ कर अन्य चोरी की घटनाओं में उनकी संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।




