
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में महान साहित्यकार एवं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती पर साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन में राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रेमचंद के व्यक्तित्व, कृतित्व और हिंदी साहित्य में उनके अमूल्य योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय स्थित राजभाषा विभाग में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ आँकड़ा संसाधन प्रबंधक एवं राजभाषा अधिकारी आशुतोष कुमार पाण्डेय ने मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर किया। इसके बाद उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रेमचंद के साहित्य, विचारों और सामाजिक सरोकारों पर अपने विचार साझा किए तथा उनकी प्रसिद्ध रचनाओं का वाचन किया।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अनुवादक पूनम त्रिपाठी ने किया। उन्होंने मुंशी प्रेमचंद के जीवन, साहित्यिक यात्रा और हिंदी साहित्य में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यालय अधीक्षक अमन श्रीवास्तव ने प्रेमचंद की पहली कहानी ‘दुनिया का सबसे अनमोल रतन’ का पाठ किया। वहीं मुख्य कार्यालय अधीक्षक विकास श्रीवास्तव ने उनके साहित्यिक व्यक्तित्व पर अपने विचार रखे। वरिष्ठ अनुवादक ममता यादव ने प्रेमचंद की रचनाओं का पाठ किया, जबकि कनिष्ठ अनुवादक दिव्या शर्मा ने उनकी कहानियों और साहित्यिक विरासत पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर कार्मिक, परिचालन, राजभाषा, यांत्रिक एवं संरक्षा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में पर्यवेक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ अनुवादक अजय कुमार सिंह ने सभी प्रतिभागियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।
मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर आयोजित यह साहित्यिक गोष्ठी न केवल उनके साहित्य को याद करने का अवसर बनी, बल्कि हिंदी भाषा और भारतीय साहित्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने का भी प्रेरक माध्यम साबित हुई।




