
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
Varanasi: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के बिरला ‘ए’ छात्रावास के गेट पर साथी छात्र पर पिस्टल से कथित जानलेवा हमला करने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी बीएचयू छात्र नेता क्षितिज उपाध्याय ने सोमवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपित ने पुलिस को चकमा देते हुए अपने अधिवक्ता अनुज यादव एवं चंद्रबली पटेल के माध्यम से अदालत में समर्पण किया। मामले की सुनवाई करते हुए एसीजेएम (नवम) अमित कुमार यादव की अदालत ने आरोपित को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।
प्रकरण के अनुसार, बीएचयू में बीए तृतीय वर्ष के छात्र रोशन मिश्रा ने लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि 21 फरवरी 2026 की रात करीब 9 से 9:30 बजे वह अपने साथी विशाल के साथ बिरला ‘ए’ छात्रावास के गेट पर खड़ा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल से तीन व्यक्ति वहां पहुंचे और कथित तौर पर पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी।
शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपितों ने जान से मारने की नीयत से कई राउंड फायर किए। प्राथमिकी में दर्ज आरोप के अनुसार, एक गोली उसके सिर के पास से और दूसरी छाती के पास से गुजर गई। जान बचाने के लिए जब वह छात्रावास के अंदर भागने लगा, तब भी पीछे से फायरिंग किए जाने का आरोप है।
प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया कि पूरी घटना पूर्व निष्कासित छात्र क्षितिज उपाध्याय एवं अभिषेक उपाध्याय के इशारे पर कराई गई थी। घटना के बाद छात्र ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी।
मामले में पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस के अनुसार, क्षितिज उपाध्याय काफी समय से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
सोमवार को आरोपित ने पुलिस की गिरफ्तारी से बचते हुए अधिवक्ताओं के माध्यम से अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।





