
New Delhi: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के मुताबिक, समझौते का सैद्धांतिक स्तर पर लगभग पूरा काम हो चुका है। अब दोनों देश समझौते की कानूनी और तकनीकी भाषा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
अंतिम चरण में ट्रेड डील
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में सर्जियो गोर ने कहा कि ट्रेड डील की मुख्य बातें पहले ही तय हो चुकी हैं। अब समझौते के टेक्स्ट के कुछ हिस्सों को व्यवस्थित करने और अंतिम रूप देने का काम चल रहा है।
उन्होंने कहा, “सिद्धांत रूप में, ट्रेड डील का लगभग सारा काम पूरा हो चुका है।” गोर के मुताबिक, समझौते को अंतिम रूप देने में देरी का प्रमुख कारण कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाएं हैं।
रूसी तेल पर संभावित टैरिफ को लेकर भी बोले गोर
अमेरिकी राजदूत ने अमेरिकी कांग्रेस में प्रस्तावित उस कानून पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसके तहत रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जा सकता है।
गोर ने स्पष्ट किया कि यह पहल व्हाइट हाउस की ओर से शुरू नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव को अमेरिकी कांग्रेस में दोनों राजनीतिक दलों के कुछ नेताओं का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा, “यह ऐसी चीज नहीं है जिसका व्हाइट हाउस ने समर्थन किया हो।”
हालांकि, उन्होंने माना कि इस तरह के कदम का भारत पर असर पड़ सकता है। गोर ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मुख्य फोकस रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने पर है।
रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करना प्राथमिकता
सर्जियो गोर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप पहले दिन से ही रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने इस संघर्ष का समाधान निकालना बेहद जरूरी बताया।
गोर ने कहा कि युद्ध को समाप्त करने की दिशा में प्रयास लगातार जारी हैं और यह राष्ट्रपति ट्रंप की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
मोदी-ट्रंप के रिश्तों को बताया ‘गहरी व्यक्तिगत दोस्ती’
अमेरिकी राजदूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने दोनों नेताओं के रिश्ते को “गहरी और व्यक्तिगत दोस्ती” बताया।
गोर के मुताबिक, दोनों नेता तेजी से काम करने और ठोस नतीजे हासिल करने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी का बहुत सम्मान करते हैं और दोनों देश आपसी हित के मुद्दों पर तेजी से आगे बढ़ना चाहते हैं।
‘पद पर न होने पर असली दोस्त का पता चलता है’
गोर ने 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बाद के दौर को याद करते हुए कहा कि जब ट्रंप राष्ट्रपति पद पर नहीं थे, उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन ने उन पर गहरी छाप छोड़ी थी।
उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति ऊंचे पद पर होता है तो बहुत से लोग उसके साथ खड़े दिखाई देते हैं, लेकिन पद से बाहर होने के दौरान ही असली रिश्तों की पहचान होती है। गोर के अनुसार, उस दौर में प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के प्रति अपना समर्थन बनाए रखा और यही आपसी भरोसा भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण रहा।




