
-गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में दोषसिद्धि, अदालत ने लगाया 5 हजार रुपये का अर्थदंड
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मंडुवाडीह पुलिस और मॉनिटरिंग सेल की प्रभावी पैरवी का असर एक बार फिर सामने आया है। गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप न्यायालय ने एक अभियुक्त को दोषसिद्ध करते हुए दो वर्ष के कठोर कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
मामला थाना मंडुवाडीह, कमिश्नरेट वाराणसी में पंजीकृत मु0अ0सं0-0001/2025 तथा मुकदमा संख्या 860/2026 से संबंधित है। अभियुक्त अकबर अली पुत्र अल्लारक्खा, निवासी कस्बा सूजाबाद पड़ाव, थाना रामनगर, कमिश्नरेट वाराणसी के खिलाफ धारा 3(1) उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था।
प्रभावी पैरवी से अदालत में दोष सिद्ध
पुलिस के अनुसार, मामले में थाना मंडुवाडीह पुलिस और मॉनिटरिंग सेल द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप माननीय न्यायालय स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट/एएसजे-13, जनपद वाराणसी ने 08 अक्टूबर 2026 को अभियुक्त अकबर अली को दोषसिद्ध पाया।
न्यायालय ने अभियुक्त को उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(1) के तहत दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 5,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त सजा
न्यायालय के आदेश के अनुसार यदि दोषसिद्ध अभियुक्त अर्थदंड की राशि का भुगतान नहीं करता है तो उसे इसके अतिरिक्त पांच दिन का साधारण कारावास भुगतना होगा।
अपराधियों को सजा दिलाने पर पुलिस का जोर
कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस द्वारा गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी कर आरोपियों को न्यायालय से सजा दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस द्वारा मुकदमों की प्रभावी पैरवी, साक्ष्यों की मजबूती और अभियोजन के साथ समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मंडुवाडीह के इस मामले में मिली सजा को भी पुलिस की इसी रणनीति का परिणाम माना जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर उन्हें न्यायालय से विधिसम्मत सजा दिलाना भी है।





