
-ऑपरेशन में लापरवाही और जांच के दौरान अश्लील हरकत का दावा, पुलिस से कार्रवाई की मांग
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
Varanasi: सारनाथ थाना क्षेत्र के आशापुर स्थित एक निजी अस्पताल के चिकित्सक पर महिला मरीज ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने स्थानीय पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में उपचार के दौरान ऑपरेशन में कथित लापरवाही बरतने के साथ ही जांच के दौरान चिकित्सकीय मर्यादा के विपरीत कथित अश्लील हरकत किए जाने का दावा किया है। महिला ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोप सही पाए जाने पर संबंधित चिकित्सक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
महिला के अनुसार, स्वास्थ्य संबंधी समस्या के चलते वह आशापुर स्थित निजी अस्पताल में उपचार कराने पहुंची थी। चिकित्सकीय परामर्श के बाद उसका उपचार शुरू किया गया और बाद में उसका ऑपरेशन भी किया गया। महिला का आरोप है कि ऑपरेशन की प्रक्रिया में कथित तौर पर लापरवाही बरती गई, जिसके बाद उसे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शिकायत में महिला ने उपचार के तरीके और ऑपरेशन के दौरान बरती गई सावधानियों को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
जांच के दौरान अशोभनीय व्यवहार का आरोप
महिला ने अपने प्रार्थना पत्र में चिकित्सक पर जांच के दौरान उसके साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत किए जाने का भी गंभीर आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि जांच के दौरान चिकित्सक का व्यवहार उसे असहज करने वाला था और चिकित्सकीय मर्यादा के अनुरूप नहीं था। घटना के बाद महिला ने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद मामले को पुलिस के संज्ञान में लाया गया।
महिला की शिकायत के बाद अब पुलिस के सामने आरोपों की वास्तविकता जांचने की चुनौती है। मामले में महिला का बयान, उपचार से संबंधित दस्तावेज और घटना के समय अस्पताल में मौजूद परिस्थितियां महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
मेडिकल रिकॉर्ड से खुलेगा ऑपरेशन का राज
ऑपरेशन में कथित लापरवाही के आरोपों की जांच में अस्पताल का मेडिकल रिकॉर्ड अहम भूमिका निभा सकता है। मरीज की केस हिस्ट्री, ऑपरेशन से पहले कराई गई जांच, चिकित्सकीय सलाह, ऑपरेशन नोट, दवाओं का विवरण और ऑपरेशन के बाद की मेडिकल रिपोर्ट की जांच से उपचार की पूरी प्रक्रिया सामने आ सकती है।
यदि आवश्यकता हुई तो विशेषज्ञ चिकित्सकों की राय लेकर यह भी जांचा जा सकता है कि उपचार और ऑपरेशन निर्धारित चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप किया गया था या नहीं। इससे महिला द्वारा लगाए गए चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने में मदद मिल सकती है।
अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज भी हो सकती है अहम
महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच में अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकती है। यदि शिकायत में बताए गए समय और स्थान से संबंधित फुटेज उपलब्ध है तो पुलिस उसके माध्यम से घटनाक्रम की परिस्थितियों की जांच कर सकती है। इसके अलावा अस्पताल के कर्मचारियों और घटना के समय मौजूद अन्य लोगों से पूछताछ भी जांच का हिस्सा बन सकती है।
चिकित्सक का पक्ष सामने आना बाकी
मामले में संबंधित चिकित्सक अथवा अस्पताल प्रबंधन का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है। आरोपों की निष्पक्षता के लिए चिकित्सक का पक्ष भी महत्वपूर्ण माना जाएगा। यदि चिकित्सक या अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्टीकरण दिया जाता है तो उसे भी मामले की पूरी तस्वीर के साथ सामने रखा जाना आवश्यक होगा।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
फिलहाल महिला द्वारा लगाए गए आरोप शिकायत और दावे के स्तर पर हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पुलिस जांच पूरी होने से पहले आरोपों को तथ्य के रूप में मानना उचित नहीं होगा। जांच में सामने आने वाले दस्तावेज, बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
निष्पक्ष जांच से साफ होगी तस्वीर
एक ही शिकायत में ऑपरेशन के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही और जांच के दौरान कथित अशोभनीय व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की जरूरत बढ़ गई है। पुलिस यदि शिकायत के प्रत्येक पहलू की बारीकी से जांच करती है तो घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
फिलहाल महिला ने पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई है। अब निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। मेडिकल रिकॉर्ड, अस्पताल के दस्तावेज, संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के बाद ही यह तय हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में आगे किस स्तर की कार्रवाई की आवश्यकता है।
फिलहाल मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है। संबंधित चिकित्सक एवं अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद मामले का दूसरा पहलू भी स्पष्ट हो सकेगा।




