
-“जनता की समस्याओं का प्रभावी समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता”—स्थलीय जांच वाले मामलों में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
Varanasi: जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन के दौरान जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने प्रत्येक फरियादी की बात ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपरक निस्तारण के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आमजन की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। पात्र व्यक्तियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए तथा प्रत्येक शिकायत पर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जिन प्रकरणों में स्थलीय जांच आवश्यक हो, उनमें संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर तथ्यात्मक जांच करें और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही, शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई एवं समाधान की स्पष्ट जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उसे अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की शिकायतों को प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों तथा अन्य जरूरतमंद फरियादियों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अपने-अपने विभाग से संबंधित शिकायतों की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि जनसुनवाई व्यवस्था का मूल उद्देश्य आमजन को त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना है। शासन की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रहा है।
डीएम का स्पष्ट संदेश—शिकायत का निस्तारण ही नहीं, फरियादी की संतुष्टि भी जरूरी
जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रकरण का समाधान नियमानुसार, गुणवत्तापूर्ण और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के अनुरूप हो।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उसकी नियमित निगरानी करें और निर्धारित समय-सीमा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।





