
चमोली। बद्रीनाथ धाम में दान और कीमती सामान के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के बीच श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा कदम उठाते हुए कोषाध्यक्ष का तबादला कर दिया है। बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने स्पष्ट किया कि कोषाध्यक्ष को पद से हटाया नहीं गया है, बल्कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उनका स्थानांतरण किया गया है।
सीईओ ने बताया कि विभागीय जांच के दौरान डबल-लॉक में रखे चांदी के सामान और रजिस्टर में दर्ज विवरण का मिलान किया गया। जांच में पाया गया कि वास्तविक रूप से मौजूद सामान रजिस्टर में दर्ज मात्रा से अधिक था। उनके अनुसार, यह प्रथम दृष्टया मानवीय त्रुटि या रिकॉर्ड में ओवरराइटिंग का मामला प्रतीत होता है। यदि सामान कम मिलता तो चोरी की आशंका अधिक मजबूत होती, लेकिन फिलहाल जांच सभी पहलुओं पर जारी है।
उन्होंने दान में मिली एम्बुलेंस और लैपटॉप के गायब होने के आरोपों को भी खारिज किया। सीईओ के मुताबिक, बीकेटीसी के पास तीन एम्बुलेंस थीं, जिनमें एक को वर्ष 2016 में नियमानुसार नीलाम किया गया, दूसरी को औपचारिक रूप से मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) रुद्रप्रयाग को सौंपा गया, जबकि तीसरी वर्तमान में ऊखीमठ में मौजूद है। वहीं, दान में प्राप्त लैपटॉप कर्मचारियों को कार्य उपयोग के लिए दिए गए थे और जांच में वे सभी संबंधित कर्मचारियों के पास मिले हैं।
इधर, बद्रीनाथ धाम में दान के कथित गबन की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय विभागीय समिति ने अपनी जांच पूरी कर 18 पृष्ठों की रिपोर्ट सीईओ को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि भक्तों के चढ़ावे और कीमती सामान में कथित अनियमितताएं एक बार नहीं, बल्कि कई अवसरों पर हुई हो सकती हैं। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही सामने आएंगे।
गौरतलब है कि बीकेटीसी ने 7 जुलाई को अनुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से चेयरमैन कार्यालय में तैनात पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया था। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
इनपुट: आईएएनएस





