
-सीएम और नगर आयुक्त से गुहार: ‘NH-27 से जोड़ो नाली, बीमारी से दो मुक्ति’
अयोध्या। स्मार्ट सिटी का दावा करने वाली अयोध्या के पंडित दीनदयाल नगर वार्ड में हालात ‘स्मार्ट’ नहीं, ‘नारकीय’ हैं। कोरखाना देवकाली मोहल्ले में NH-27 तक जाने वाला रास्ता हर बरसात में तालाब बन जाता है। वजह— नालियां जाम, जल निकासी का कोई इंतजाम नहीं।
1 सीएम को चिट्ठी: ‘नाली को NH-27 के नाले से जोड़ दो’
ग्रामवासी राजेंद्र कुमार गौतम ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दर्द बयां किया। ‘कोरखाना से NH-27 हार्डवे तक जाने वाले मार्ग पर बरसात में भयंकर जलभराव हो जाता है। नालियां जाम हैं, पानी निकलने की जगह नहीं।’
नतीजा— स्कूली बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सब कीचड़-सने रास्ते से गुजरने को मजबूर। गंदा पानी जमा रहने से डेंगू, मलेरिया, डायरिया जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा सिर पर मंडरा रहा है।
मांग साफ है: ‘बंद नालियों की तुरंत सफाई हो, कच्ची नाली खुदवाकर कोरखाना की नाली को NH-27 के नाले से जोड़ दिया जाए।’
2 नगर आयुक्त से फरियाद: ‘12 घरों के सामने 12 महीने पानी’
दूसरी तरफ गोकुल धाम कॉलोनी के अंकित पांडेय, सावित्री पांडेय, पुष्पा पांडेय समेत मोहल्ले वालों ने नगर आयुक्त को पत्र सौंपा। लिखा— ‘हम आजादी के पहले से यहां रह रहे हैं। पूरे वार्ड-मोहल्ले में सीवर लाइन बिछ रही है, नाली बन रही है, पर हमारे 12 घर छोड़ दिए गए।’
अशोक कुमार, उब्बू कुमार, गुरुदीन कुमार, सावित्री पांडेय, पुष्पा पांडेय, संतराम यादव, अनन्तराम यादव के घरों के सामने बारहों महीने पानी भरा रहता है। ‘पूरा मोहल्ला गंदगी में जी रहा है, लोग संक्रमण रोग से ग्रसित हैं।’

सवाल जो सिस्टम से टकरा रहे हैं
1. जब पूरे वार्ड में सीवर- नाली का काम हो रहा है, तो 12 घरों को क्यों छोड़ा गया?
2. ‘आजादी के पहले’ से बसे लोगों को 2026 में भी मूलभूत सुविधा क्यों नहीं?
3. NH-27 जैसी मुख्य सड़क से जुड़े मोहल्ले की नाली हाईवे के नाले से क्यों नहीं जोड़ी गई?
जनता की एक ही पुकार
कोरखाना के लोग विकास नहीं, ‘निकासी’ मांग रहे हैं। कीचड़ से सने पैर, बीमारी से घिरे बच्चे और दुर्गंध से भरी सांसें— यही है गोकुल धाम कॉलोनी की हकीकत।
अब देखना है कि सीएम और नगर आयुक्त के दरवाजे तक पहुंची यह ‘बदबू’ कब साफ होती है। अयोध्या को चमकाने का दावा तब तक अधूरा है, जब तक कोरखाना की नाली का पानी NH-27 तक नहीं पहुंचता।




