
लखनऊ : समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने उत्तर प्रदेश में जारी बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने सरकार की कार्यप्रणाली और ऊर्जा विभाग की भूमिका पर सवाल खड़े किए।
अखिलेश यादव ने पूछा कि क्या ऊर्जा मंत्री Arvind Kumar Sharma को मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों में बुलाया जाता है या नहीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता ने दोनों नेताओं को शायद ही कभी एक साथ देखा हो।
SP प्रमुख ने BJP के भीतर अंदरूनी कलह का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के विधायक और सांसद अपनी ही सरकार के खिलाफ चिट्ठियां लिख रहे हैं। बिजली कटौती को लेकर जनता में बढ़ते गुस्से का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिजली सब-स्टेशनों पर PAC जवानों की तैनाती कर लोगों के विरोध से बचने की कोशिश कर रही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि “अब BJP में कोई ‘करंट’ नहीं बचा है” और अगले चुनाव में जनता पार्टी को करारा जवाब देगी। उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि शुक्र है कि सरकार ने इस बिजली संकट को “दिल्ली वालों की साजिश” नहीं बताया।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ऊर्जा विभाग, पावर कॉर्पोरेशन और डिस्कॉम अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर निर्देश दिए कि आम जनता, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को बिना रुकावट बिजली उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार प्रदेश के हर नागरिक तक सुविधा और विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस बीच ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश ने बिजली आपूर्ति का नया रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने बताया कि राज्य में पीक बिजली सप्लाई 31,774 मेगावाट तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है।




