
-जहां निगरानी सबसे जरूरी, वहीं सुरक्षा इंतजाम अधूरे; जनहित का सवाल—ब्लॉक प्रमुख अभिषेक सिंह जी, एक नजर इधर भी
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा की कलम से✍️
Varanasi: चौबेपुर थाना क्षेत्र का संदहा चौराहा क्षेत्रीय आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। आसपास के गांवों और विभिन्न मार्गों को जोड़ने वाले इस चौराहे पर दिनभर वाहनों और राहगीरों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों की ओर से उठाई जा रही मांग अब ध्यान देने योग्य जनहित का विषय बन गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, चौराहे पर पर्याप्त रोशनी, सीसीटीवी कैमरे और आवश्यक यातायात संकेतकों की व्यवस्था को और बेहतर किए जाने की जरूरत है। खासकर रात के समय पर्याप्त प्रकाश नहीं होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर बेहतर प्रकाश और निगरानी व्यवस्था होने से सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।
जब आम लोगों से कैमरे लगाने की अपील, तो सार्वजनिक चौराहों पर भी हो निगरानी
पुलिस-प्रशासन की ओर से समय-समय पर नागरिकों से अपने घरों और दुकानों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अपील की जाती है। इसका उद्देश्य अपराध की रोकथाम तथा किसी घटना की स्थिति में संदिग्ध व्यक्ति या वाहन की पहचान में पुलिस की सहायता करना है।
इसी क्रम में संदहा चौराहे को लेकर स्थानीय लोगों का सवाल है कि महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर भी सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाना क्या जनसुरक्षा के लिहाज से जरूरी नहीं है?
नागरिकों का यह सवाल किसी व्यक्ति या विभाग पर आरोप लगाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की अपेक्षा के रूप में सामने आया है।
पुल के नीचे स्थायी पुलिस चौकी की मांग
स्थानीय नागरिकों ने संदहा चौराहे पर पुल के नीचे स्थायी पुलिस चौकी स्थापित किए जाने की मांग उठाई है। लोगों का मानना है कि यदि यहां नियमित पुलिस मौजूदगी के साथ सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध हो तो राहगीरों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा।
स्थायी पुलिस चौकी होने से किसी भी आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित मौजूदगी सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है। साथ ही चौराहे पर यातायात व्यवस्था और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी भी बेहतर ढंग से की जा सकेगी।
न संकेतक तो न हो परेशानी, इसलिए जरूरी है व्यवस्थित व्यवस्था
स्थानीय लोगों का कहना है कि चौराहे पर स्पष्ट यातायात संकेतक और पर्याप्त रोशनी वाहन चालकों तथा पैदल राहगीरों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं। खासकर रात के समय मार्ग की स्पष्ट जानकारी मिलने से आवागमन अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकता है।
ऐसे में संबंधित विभाग द्वारा चौराहे का स्थलीय निरीक्षण कर प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी और यातायात संकेतकों की स्थिति का आकलन किया जाना उपयोगी कदम हो सकता है।
जनहित का सवाल—अब जिम्मेदारों की नजर कब?
संदहा चौराहा किसी एक व्यक्ति या वर्ग का नहीं, बल्कि आम राहगीरों और स्थानीय नागरिकों के रोजमर्रा के आवागमन से जुड़ा सार्वजनिक स्थल है। इसलिए यहां सुरक्षा से जुड़े बुनियादी इंतजामों को मजबूत करने की मांग को जनहित की दृष्टि से देखा जाना चाहिए।
स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी इस विषय का संज्ञान लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं का परीक्षण करेंगे और जरूरत के अनुसार उचित कदम उठाएंगे।
ब्लॉक प्रमुख अभिषेक सिंह जी—जनहित से जुड़ा यह मुद्दा आपके संज्ञान में भी लाया जा रहा है, एक नजर इधर भी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जनप्रतिनिधि भी इस मांग को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में सकारात्मक भूमिका निभाएंगे।
सुरक्षित सड़क, पर्याप्त रोशनी, स्पष्ट संकेतक और प्रभावी निगरानी—ये सुविधाएं किसी विशेष व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि हर उस नागरिक के लिए जरूरी हैं जो इस मार्ग से गुजरता है। यही वजह है कि संदहा चौराहे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठी यह मांग अब संबंधित जिम्मेदारों के संज्ञान और सकारात्मक पहल की प्रतीक्षा कर रही है।




