
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों के साथ बैठक की। नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में हुई इस बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, राज्यों में सक्रियता बढ़ाने और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर चर्चा हुई। यह हालिया संगठनात्मक नियुक्तियों के बाद प्रभारियों की पहली सामूहिक बैठक थी।
बैठक में करीब 65 प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारी शामिल हुए। भाजपा ने हाल ही में 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नियुक्तियां की हैं।
राज्यों में रहकर संगठन को मजबूत करने पर जोर
नितिन नवीन ने पदाधिकारियों से कहा कि जिन नेताओं को राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में पर्याप्त समय देना चाहिए। उन्होंने संगठनात्मक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देने और अनावश्यक रूप से दिल्ली के दौरे करने से बचने पर जोर दिया।
उन्होंने प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों को प्रदेश इकाइयों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने तथा नियमित रूप से राज्यों का दौरा करने का निर्देश दिया। संगठन की गतिविधियों और बैठकों का प्रभाव बूथ स्तर तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
बूथ स्तर से फीडबैक लेने के निर्देश
बैठक में संगठनात्मक बैठकों को अधिक प्रभावी बनाने और उनके कामकाज की नियमित समीक्षा पर चर्चा हुई। प्रभारियों से बूथ स्तर पर संगठन की गतिविधियों को मजबूत करने तथा वहां से मिलने वाले फीडबैक को पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने को कहा गया।
पार्टी के कार्यक्रमों को केवल प्रदेश या जिला स्तर तक सीमित रखने के बजाय उन्हें स्थानीय और बूथ स्तर तक ले जाने पर भी जोर दिया गया।
महिलाओं और युवाओं से संपर्क बढ़ाने पर जोर
बैठक में महिलाओं, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संपर्क बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों से पार्टी की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने और सामाजिक समूहों के साथ संवाद बनाए रखने को कहा गया।
आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए संबंधित राज्यों के प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार दौरे करने और संगठनात्मक तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश भी दिए गए।
हालिया संगठनात्मक फेरबदल के बाद पहली बैठक
भाजपा ने सितंबर में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए संगठनात्मक जिम्मेदारियों में बदलाव किया था। इसके बाद नितिन नवीन की अध्यक्षता में हुई यह पहली सामूहिक बैठक रही। बैठक में संगठन विस्तार, राज्यों में पार्टी की गतिविधियों, जनसंपर्क और चुनावी तैयारियों सहित विभिन्न संगठनात्मक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।




