
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। ब्याज पर रुपये लेने वाली दलित युवती को कथित रूप से डराने-धमकाने, दुष्कर्म करने और गर्भपात कराने के मामले में आरोपित विनोद शंकर उर्फ विनोद यादव को अदालत से जमानत मिल गई। विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) सर्वजीत सिंह की अदालत ने नरिया, साकेत नगर (लंका) निवासी आरोपित को एक-एक लाख रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने पैरवी की।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, भेलूपुर थाना क्षेत्र की निवासी वादिनी ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसने करीब तीन वर्ष पूर्व विनोद शंकर उर्फ विनोद यादव से 50 हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। ब्याज चुकाने में कभी-कभी देरी होने का कथित रूप से फायदा उठाते हुए आरोपित ने उस पर दबाव बनाया और उसकी इच्छा के विरुद्ध सिगरा स्थित एक होटल में कई बार शारीरिक संबंध बनाए।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि विरोध करने पर आरोपित ने उसे धमकाया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। साथ ही उसके अश्लील फोटो और वीडियो बनाए गए। वादिनी के अनुसार, मूलधन और ब्याज चुकाने के बाद भी आरोपित ने फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा परिवार एवं परिचितों को भेजकर सामाजिक प्रतिष्ठा खराब करने की धमकी दी।
आरोप है कि इसी दौरान वादिनी गर्भवती हो गई, जिसके बाद आरोपित द्वारा कथित रूप से दवा खिलाने से उसका गर्भपात हो गया। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपित को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।




