
-20.11 किमी रेलखंड पर अत्याधुनिक सिगनलिंग प्रणाली की हुई स्थापना व कमीशनिंग, रेल परिचालन होगा और सुरक्षित एवं सुगम
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के कुशल मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर (समन्वय) यशवीर सिंह एवं वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर-द्वितीय श्री अमित मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में नूनखार से भाटपार रानी रेलखंड के बीच 20.11 किमी ऑटोमैटिक ब्लॉक सिगनलिंग (ABS) प्रणाली की स्थापना एवं कमीशनिंग का कार्य 07 सितंबर 2026 को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।
इस कार्य के लिए 06 सितंबर 2026 से दो दिवसीय नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य किया गया। इसके पश्चात तीन घंटे का टेस्टिंग ब्लॉक लेकर ऑटोमैटिक ब्लॉक सिगनलिंग प्रणाली का सफल परीक्षण किया गया। इस दौरान रेलखंड में पांच ऑटो हट—AH-14, AH-15, AH-16, AH-17 एवं AH-18 स्थापित किए गए। इन ऑटो हट में ऑटोमैटिक ब्लॉक सिगनलिंग से संबंधित आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिनमें WESTRACE MK-II/KYOSAN EI रैक, Dual MSDAC, SSI टाइप UFSBI, नेटवर्क डेटा लॉगर, IPS, फायर अलार्म सिस्टम एवं ELD प्रमुख हैं।
ब्लॉक सेक्शन ऑटो सिगनल के संचालन के लिए नूनखार, भटनी जंक्शन एवं भाटपार रानी स्टेशनों पर EI आधारित Dual VDU लगाए गए हैं। इस महत्वपूर्ण कार्य को Project Unit/BSB, GKP एवं Division Open Line/BSB की टीमों ने आपसी समन्वय एवं टीम भावना के साथ सफलतापूर्वक पूरा किया।
LC No. 112 Spl. पर सिगनलिंग व्यवस्था हुई आधुनिक
ऑटोमैटिक ब्लॉक सिगनलिंग कार्य के दौरान भाटपार रानी स्टेशन पर LC No. 112 Spl. के MLB गेट को LED सिगनल युक्त ELB गेट में परिवर्तित किया गया है। इससे समपार फाटक पर सिगनलिंग व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ परिचालन सुरक्षा को और बेहतर करने में मदद मिलेगी।
EI आधारित ऑटोमैटिक ब्लॉक सिगनलिंग प्रणाली लागू होने के बाद भटनी-भाटपार रानी रेलखंड के किमी संख्या 430/5-7 पर स्थित नोनापार (NNPR) IBS को समाप्त कर दिया गया है।
ऑटोमैटिक ब्लॉक सिगनलिंग प्रणाली के लागू होने से इस रेलखंड पर रेल संचालन और अधिक सुरक्षित, सुगम एवं भरोसेमंद होगा। यह उपलब्धि रेल संरक्षा तथा तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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