
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
Varanasi: ऑनलाइन निवेश के बढ़ते चलन के साथ वित्तीय साइबर अपराधों के खतरे को देखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में सोमवार को ‘निवेशक जागरूकता एवं वित्तीय साइबर सुरक्षा’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय स्थित भारतेन्दु सभागार में आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सुरक्षित निवेश, वित्तीय जोखिमों तथा ऑनलाइन साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यशाला का आयोजन मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी आशीष जैन की अध्यक्षता एवं वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक राजेश कुमार के नेतृत्व में किया गया। इसमें नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) तथा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को निवेश के विभिन्न विकल्पों, जोखिमों और वित्तीय साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के प्रारंभ में वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक राजेश कुमार ने SEBI एवं NSE से आए विशेषज्ञों का परिचय कराया। मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने कहा कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप किसी भी वित्तीय टूल या निवेश माध्यम का उपयोग करने से पहले उसकी पूरी जानकारी प्राप्त करना बेहद जरूरी है। उन्होंने वित्तीय जागरूकता को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताते हुए कहा कि सही जानकारी के अभाव में लोग आकर्षक दिखने वाली फर्जी निवेश योजनाओं और साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को निवेश से पहले तथ्यों और जोखिमों की पूरी जानकारी हासिल करनी चाहिए।
SEBI के रीजनल डायरेक्टर (नॉर्थ) विजयन्त वर्मा ने प्रतिभूति बाजार में निवेश से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने साइबर ठगी से बचने के उपाय बताते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक, संदिग्ध फोन कॉल, मैसेज या फर्जी निवेश प्रस्ताव पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि OTP, UPI PIN, पासवर्ड तथा बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि किसी भी निवेश से पहले SEBI से संबंधित संस्थाओं और निवेश माध्यमों की विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें। प्रतिभूति बाजार से संबंधित शिकायत होने पर SEBI SCORES के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। उन्होंने कर्मचारियों से सोच-समझकर निवेश करने की अपील करते हुए कहा कि वित्तीय साक्षरता सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
SEBI के अपर महाप्रबंधक/डीजीएम विपुल जैन ने सोशल मीडिया एवं YouTube पर उपलब्ध अपुष्ट निवेश संबंधी वीडियो और सलाह के आधार पर निवेश करने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी निवेश निर्णय से पहले संबंधित निवेश उत्पाद, उससे जुड़े जोखिम, संभावित रिटर्न तथा संबंधित संस्था की प्रमाणित जानकारी हासिल करना आवश्यक है।
कार्यशाला के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र में चक्रवृद्धि ब्याज, दीर्घकालीन संपत्ति निर्माण, इक्विटी, गोल्ड, प्रॉपर्टी, SIP, म्यूचुअल फंड एवं PPF जैसे विभिन्न निवेश विकल्पों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इन माध्यमों से जुड़े जोखिम और संभावित रिटर्न को सरल भाषा में समझाते हुए सुरक्षित एवं दीर्घकालीन निवेश की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि संदिग्ध लिंक अथवा निवेश संबंधी वेबसाइटों को SEBI Check या sebi.gov.in के माध्यम से सत्यापित किया जा सकता है।
कार्यशाला का मुख्य संदेश रहा कि सही जानकारी, सतर्कता और प्रमाणित माध्यमों के जरिए ही सुरक्षित निवेश किया जा सकता है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए वित्तीय सुरक्षा एवं निवेश से जुड़ी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
जागरूकता सेमिनार के बाद अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें प्रथम पुरस्कार वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर अनुभव पाठक, द्वितीय पुरस्कार मंडल वित्त प्रबंधक अंकित प्रधान तथा तृतीय पुरस्कार कार्यालय अधीक्षक सोनू पटेल को प्रदान किया गया। पुरस्कार SEBI के रीजनल डायरेक्टर (नॉर्थ) विजयन्त वर्मा द्वारा दिए गए।
कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक राजेश कुमार ने किया।





