
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांग छात्राओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने और उनके आवागमन को आसान बनाने के उद्देश्य से ई-ट्राईसाइकिल अनुदान योजना-2026 लागू कर दी है। इस योजना के तहत पात्र छात्राओं को आधुनिक ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने के लिए सरकार अधिकतम 65 हजार रुपये तक का अनुदान देगी।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी दीक्षा उपाध्याय ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार जनपद मुजफ्फरनगर में योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक एवं पात्र छात्राएं ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी दिव्यांग छात्रा केवल आवागमन की समस्या के कारण अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े।
इन छात्राओं को मिलेगा योजना का लाभ
योजना का लाभ केवल उत्तर प्रदेश की मूल निवासी उन दिव्यांग छात्राओं को मिलेगा, जिनकी आयु 16 वर्ष या उससे अधिक हो और जो किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय, महाविद्यालय या प्रशिक्षण संस्थान में अध्ययनरत हों। इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा जारी वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना भी अनिवार्य है।
योजना के नियमों के अनुसार किसी पात्र छात्रा को पांच वर्ष में केवल एक बार ई-ट्राईसाइकिल का लाभ मिलेगा। यदि किसी लाभार्थी को पहले इस योजना के तहत सहायता मिल चुकी है, तो वह निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद ही दोबारा आवेदन कर सकेगी।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता
सरकार ने योजना में चयन के दौरान आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। सबसे पहले गरीबी रेखा (बीपीएल) से नीचे जीवन-यापन करने वाले पात्र लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। लक्ष्य पूरा होने के बाद यदि सीटें शेष रहती हैं तो अन्य पात्र छात्राओं का चयन उनकी दिव्यांगता की गंभीरता और आय के आधार पर किया जाएगा।
इसके अलावा, आवेदक अथवा उसके परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता नहीं होना चाहिए।
₹65 हजार तक मिलेगा अनुदान
योजना के तहत सरकार प्रत्येक पात्र लाभार्थी को ई-ट्राईसाइकिल खरीदने के लिए अधिकतम ₹65,000 तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी। इससे छात्राओं को स्कूल, कॉलेज या प्रशिक्षण संस्थानों तक आने-जाने में सुविधा मिलेगी और वे अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
पूरी तरह ऑनलाइन होगी आवेदन प्रक्रिया
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है ताकि पारदर्शिता बनी रहे और पात्र छात्राओं को बिना किसी परेशानी के योजना का लाभ मिल सके। आवेदन के समय सभी आवश्यक दस्तावेज निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। पात्रता की जांच के बाद ही लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए इच्छुक छात्राएं अथवा उनके अभिभावक जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय, विकास भवन, मुजफ्फरनगर से संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने पात्र दिव्यांग छात्राओं से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।





