
- रिपोर्ट: प्राची सिंह
कानपुर। देश में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) को लेकर जारी बहस के बीच आईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं ने अपनी स्टडी में दावा किया है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से ईंधन दक्षता (फ्यूल एफिशिएंसी) में कोई उल्लेखनीय गिरावट नहीं पाई गई। साथ ही, अध्ययन में ऐसा कोई ठोस प्रमाण भी नहीं मिला, जिससे यह साबित हो कि E20 पेट्रोल सामान्य परिस्थितियों में वाहनों के इंजन को नुकसान पहुंचाता है।
E20 को लेकर उठ रहे थे सवाल
सरकार द्वारा E20 पेट्रोल को बढ़ावा दिए जाने के बाद कई वाहन मालिकों और विशेषज्ञों ने आशंका जताई थी कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन से वाहनों का माइलेज कम हो सकता है और लंबे समय में इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, आईआईटी कानपुर की ताजा स्टडी ने इन आशंकाओं पर अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है।
स्टडी में क्या सामने आया
शोधकर्ताओं के अनुसार, E20 के अनुरूप तैयार किए गए वाहनों में इस ईंधन के उपयोग से प्रदर्शन सामान्य बना रहता है। अध्ययन में वाहन संचालन, ईंधन दक्षता और इंजन के विभिन्न तकनीकी पहलुओं का परीक्षण किया गया, जिसमें इंजन को नुकसान पहुंचने के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले।
सरकार पहले भी दे चुकी है स्पष्टीकरण
इससे पहले पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने भी E20 पेट्रोल को लेकर कहा था कि कुछ वाहनों में माइलेज लगभग 5 प्रतिशत तक कम हो सकता है। हालांकि, मंत्रालय का कहना था कि इथेनॉल मिश्रण से होने वाले पर्यावरणीय और आर्थिक लाभ इस संभावित कमी से अधिक महत्वपूर्ण हैं।
E20 को बढ़ावा देने का उद्देश्य
सरकार पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देकर कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों को अतिरिक्त बाजार उपलब्ध कराना और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना चाहती है। इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और विदेशी मुद्रा की बचत में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
ऑटो उद्योग भी कर रहा तैयारी
वाहन निर्माता कंपनियां भी E20 ईंधन के अनुरूप नए इंजन विकसित कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नई पीढ़ी के वाहन E20 के साथ बेहतर प्रदर्शन के लिए डिजाइन किए जा रहे हैं, जबकि पुराने वाहनों में इसका प्रभाव वाहन की तकनीकी स्थिति पर निर्भर कर सकता है।
अध्ययन रहेगा जारी
विशेषज्ञों का कहना है कि E20 पेट्रोल के दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर आगे भी अध्ययन जारी रहेगा। जैसे-जैसे अधिक वाहन इस ईंधन का उपयोग करेंगे, इसके प्रदर्शन और प्रभावों से जुड़े और अधिक आंकड़े सामने आएंगे। फिलहाल आईआईटी कानपुर की स्टडी ने E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस को नई दिशा दी है।





