
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को वाराणसी के पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल (टीएफसी), बड़ा लालपुर से प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ करेंगे। सुबह 10 बजे आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ की शुरुआत करेंगे। इसके साथ ही प्रदेश के लगभग 1.10 करोड़ छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से धनराशि हस्तांतरित करेंगे। कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी भी मौजूद रहेंगी।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर शुरू की जा रही मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत प्रदेश के करीब 12 लाख शिक्षकों और उनके परिवारों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इस योजना में नियमित शिक्षकों के साथ शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह के अनुसार, इस योजना का लाभ अकेले वाराणसी जिले के 1,145 विद्यालयों के 12,407 तथा पूरे वाराणसी मंडल के 7,417 विद्यालयों में कार्यरत कुल 66,205 पात्र शिक्षकों एवं कर्मचारियों को मिलेगा।
मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के लगभग 1.10 करोड़ छात्र-छात्राओं के लिए यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी खरीदने हेतु प्रति छात्र 1,200 रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के बैंक खातों में भेजेंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस योजना से वाराणसी जिले के 1,54,634 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।
कार्यक्रम में 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए जाएंगे। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के 12 प्रधानाचार्यों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मानित करेंगे।





