
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: राजधानी के मल्हा क्षेत्र में हरे-भरे पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आम, जामुन और गूलर जैसे प्रतिबंधित पेड़ों को दिनदहाड़े काटा जा रहा है, जबकि जिम्मेदार विभाग इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि मल्हा स्थित सरकारी स्कूल के पास चकरोड किनारे बड़े पैमाने पर पेड़ों पर पेट्रोल से चलने वाले आरे का इस्तेमाल किया जा रहा है। आरोप है कि लकड़हारे बेखौफ होकर पेड़ों की कटाई कर रहे हैं और उन्हें प्रशासन या वन विभाग की कार्रवाई का कोई डर नहीं है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि अवध वन प्रभाग के कुछ वनकर्मियों की कथित मिलीभगत के कारण अवैध कटाई का सिलसिला लगातार जारी है। उनका कहना है कि क्षेत्र में दिन हो या रात, चेन सॉ (पेट्रोल से चलने वाले आरे) की आवाजें सुनाई देती रहती हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती।
ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते अवैध कटाई नहीं रोकी गई तो क्षेत्र का हरित आवरण तेजी से प्रभावित होगा।
नोट: वन विभाग के अधिकारियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।




