
- रिपोर्ट: प्राची सिंह
नई दिल्ली। अदन की खाड़ी में भारतीय नौसेना ने एक बार फिर अपनी त्वरित कार्रवाई से समुद्री डाकुओं के मंसूबों को नाकाम कर दिया। भारत के लिए आवश्यक सामान लेकर जा रहे एक मालवाहक जहाज पर समुद्री डाकुओं ने हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय युद्धपोत आईएनएस त्रिकंड (INS Trikand) के मौके पर पहुंचते ही हमलावर फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात एमवी गोल्डन आर्सेनल नामक वाणिज्यिक मालवाहक जहाज अदन की खाड़ी से गुजर रहा था। इसी दौरान हथियारबंद समुद्री डाकुओं ने जहाज को निशाना बनाने का प्रयास किया। जहाज पर एक भारतीय चालक दल का सदस्य भी मौजूद था।
हमले की आशंका होते ही जहाज के चालक दल ने एंटी-पायरेसी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए स्वयं को सुरक्षित कक्ष (सेफ रूम) में बंद कर लिया और आपातकालीन संचार प्रणाली के माध्यम से सहायता के लिए संकट संदेश भेजा। यह संदेश क्षेत्र में गश्त कर रहे भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस त्रिकंड को प्राप्त हुआ।
सूचना मिलते ही आईएनएस त्रिकंड तत्काल घटनास्थल की ओर रवाना हुआ। भारतीय नौसेना के पहुंचने की भनक लगते ही समुद्री डाकू जहाज पर कब्जा किए बिना ही मौके से फरार हो गए।
इसके बाद भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो (मार्कोस) जहाज पर पहुंचे और पूरे पोत का व्यापक सुरक्षा निरीक्षण एवं सैनिटाइजेशन अभियान चलाया। जांच पूरी होने के बाद जहाज को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया गया। राहत की बात यह रही कि घटना में चालक दल का कोई भी सदस्य घायल नहीं हुआ और न ही जहाज को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचा।
भारतीय नौसेना के अनुसार, अदन की खाड़ी विश्व के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है और अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र के निकट होने के कारण यहां समुद्री डकैती की घटनाओं का खतरा बना रहता है। इसी को देखते हुए भारतीय नौसेना पिछले दो वर्षों से अरब सागर और अदन की खाड़ी में लगातार अपने युद्धपोत तैनात कर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। नौसेना की सक्रिय निगरानी और त्वरित कार्रवाई से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर भारतीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा मिल रही है।



