
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। स्टेशन निदेशक अर्पित गुप्ता के निर्देशन तथा सहायक सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), वाराणसी अरविंद कुमार के कुशल नेतृत्व में रेलवे परिसर में यात्री सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नो-पार्किंग जोन में अवैध रूप से ऑटो एवं अन्य वाहनों की पार्किंग पर प्रभावी रोक लगाना था।
अभियान के दौरान प्रभारी निरीक्षक, रेलवे सुरक्षा बल/वाराणसी के नेतृत्व में टीम द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए कुल 19 ऑटो वाहन चालकों के विरुद्ध रेलवे अधिनियम की धारा 159 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया। यह कार्रवाई रेलवे परिसर में अनधिकृत पार्किंग एवं नियमों के उल्लंघन को रोकने के उद्देश्य से की गई।
कार्रवाई के उपरांत सभी संबंधित ऑटो चालकों को रेलवे सुरक्षा बल द्वारा सख्त चेतावनी देते हुए शपथ भी दिलाई गई। शपथ में उन्हें निर्देशित किया गया कि भविष्य में वे किसी भी परिस्थिति में नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन नहीं खड़ा करेंगे तथा रेलवे के निर्धारित नियमों का पूर्ण पालन करेंगे।
ऑटो चालकों को यह भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे माल गोदाम की ओर से आने वाले मार्ग एवं कॉलोनी की ओर से रेलवे परिसर में प्रवेश न करें तथा केवल निर्धारित एवं सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें। इसके अतिरिक्त शौचालय के सामने या अन्य प्रतिबंधित स्थानों पर ऑटो खड़ा करना पूर्णतः वर्जित रहेगा।
पिक एंड ड्रॉप एरिया के उपयोग को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए, जिसके अनुसार ऑटो चालक केवल यात्रियों को सुरक्षित रूप से उतारने एवं बैठाने के लिए अधिकतम 5 मिनट तक ही वहां रुक सकते हैं और इसके बाद तुरंत क्षेत्र खाली करना अनिवार्य होगा। साथ ही इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के धनराशि लेन-देन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
रेलवे सुरक्षा बल ने सभी चालकों को यह भी निर्देशित किया कि वे यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा यदि कोई भी ऑटो चालक संदिग्ध या आपराधिक प्रवृत्ति का प्रतीत हो, तो उसकी सूचना तुरंत रेलवे सुरक्षा बल एवं जीआरपी को गोपनीय रूप से दें, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्री सुरक्षा एवं रेलवे परिसर में सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में नियमों के उल्लंघन पर और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।




