
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या। ‘हर छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य’ के संकल्प के साथ श्रीराम जानकी महाविद्यालय ने अपने भविष्य की योजनाओं और शैक्षणिक दृष्टिकोण को मीडिया के सामने प्रस्तुत किया। आयोजित पत्रकार वार्ता में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए.के. शुक्ला ने शिक्षा, संस्कार और रोजगार आधारित पाठ्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए संस्थान के विजन को स्पष्ट किया।
निशुल्क प्रवेश और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष जोर
प्राचार्य डॉ. शुक्ला ने बताया कि महाविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान, नैतिक मूल्यों और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ना है। इसके लिए छात्रों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को अवसर देने के लिए निशुल्क प्रवेश जैसी योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कृषि से आईटी तक रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का समावेश
महाविद्यालय में कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े दर्जनों पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को बदलते समय और रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके। संस्थान का लक्ष्य छात्रों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें बेहतर करियर के लिए सक्षम बनाना है।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना को मिलेगा बढ़ावा
डॉ. ए.के. शुक्ला ने कहा कि छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अनुरूप विशेष पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही किसी क्षेत्र के समग्र विकास की सबसे बड़ी शक्ति होती है और इसके माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।





