
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। विकासखंड काशी विद्यापीठ अंतर्गत ग्राम सभा भीटी में सरकारी ऊसर एवं बंजर भूमि पर वर्षों से किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ राजस्व विभाग की सक्रियता तेज हो गई है। ग्राम सभा भीटी का कार्यभार संभालने के बाद लेखपाल राजवीर सिंह ने राजस्व अभिलेखों की गहन जांच शुरू कर दी है, जिसके चलते सरकारी भूमि पर कब्जा जमाए बैठे लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार ग्राम सभा भीटी की अधिकांश ऊसर एवं बंजर भूमि पर दबंग भूमाफियाओं द्वारा अतिक्रमण कर कब्जा किया गया है। शासन के निर्देशों के अनुरूप लेखपाल राजवीर सिंह ने राजस्व रिकॉर्ड की जांच करते हुए सरकारी भूमि को चिन्हित करने का अभियान शुरू किया है।
ग्राम प्रधान डॉ. श्रीमती रीमा सोनकर ने बताया कि गांव में बारात घर, जिम, ट्यूबवेल, पानी की टंकी सहित कई जनहितकारी योजनाओं के लिए सरकार से धन आवंटित हुआ था, लेकिन निर्माण हेतु सरकारी भूमि चिन्हित न होने के कारण वह धन वापस चला गया। अब राजस्व विभाग की सक्रियता से ग्राम समाज की भूमि को मुक्त कराने की उम्मीद जगी है।
जांच के दौरान रामनगर-पंचवटी-लंका मार्ग स्थित ग्राम सभा भीटी के अंतर्गत राजस्व अभिलेखों में दर्ज आराजी संख्या 251/5, लगभग एक हेक्टेयर ऊसर भूमि के रूप में चिन्हित की गई है। आरोप है कि इस सरकारी भूमि के कुछ हिस्से पर पक्का निर्माण करने का प्रयास किया जा रहा था।
इस संबंध में ग्राम प्रधान डॉ. रीमा सोनकर ने शासन, प्रशासन, राजस्व विभाग तथा रामनगर थाने को पत्र भेजकर ग्राम समाज की भूमि से अवैध कब्जा हटवाकर उसे ग्राम समाज को वापस सौंपने की मांग की है।
इसी क्रम में सोमवार को राजस्व विभाग की टीम रामनगर पंचवटी स्थित रामलीला मैदान के समीप पहुंची और ग्राम समाज की ऊसर भूमि पर निर्माण कार्य कर रहे लोगों को तत्काल कार्य रोकने की चेतावनी दी।
राजस्व विभाग की इस कार्रवाई को ग्रामीणों ने सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और जनहित की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
क्षेत्र में लेखपाल राजवीर सिंह की निष्पक्ष कार्यशैली और सरकारी भूमि संरक्षण के प्रति उनकी सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है।





