
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी आईसीएआर-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) द्वारा अनुसूचित जाति उपयोजना (SCSP) के अंतर्गत जनपद मिर्जापुर के नारायणपुर ब्लॉक के ग्राम नियामतपुर, धर्ममलपुर, बगही एवं चंदापुर के किसानों के लिए संस्थान परिसर में जागरूकता सह बीज वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि सब्जियां केवल भोजन का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य संरक्षण का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक सब्जियों का उत्पादन एवं उपभोग करने का आह्वान करते हुए बताया कि संतुलित आहार में सब्जियों की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा वे अनेक आवश्यक पोषक तत्वों का प्रमुख स्रोत हैं।कार्यक्रम का संचालन एवं तकनीकी मार्गदर्शन डॉ. नीरज सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों एवं संस्थान द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डॉ. गोविंद पाल ने किसानों को कृषि लागत तथा आय-व्यय का नियमित लेखा-जोखा रखने के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए आर्थिक अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण आवश्यक है।
डॉ. मोहम्मद शाहिद ने मृदा में उपलब्ध प्रमुख एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि संतुलित पोषण प्रबंधन तथा फसलों की बेहतर उत्पादकता के लिए मृदा परीक्षण अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान किसानों को निदेशक डॉ. राजेश कुमार द्वारा मूंगफली की उन्नत किस्म गुजरात ग्राउंडनट-34 (GG-34) के बीज तथा किचन गार्डन किट का वितरण किया गया।
इस अवसर पर अग्रिमित्र एफपीओ के श्री गोविंद नारायण सिंह, श्री संजय सहित लगभग 50 महिला एवं पुरुष किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में किसानों ने कृषि एवं पोषण संबंधी विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की तथा संस्थान की विभिन्न तकनीकों एवं पहलों की सराहना की।




