
-9 साल में 17 हजार+ एनकाउंटर, 289 दुर्दांत ढेर, 34 हजार से ज्यादा अपराधी गिरफ्तार — बदमाशों की टूटी कमर, यूपी में कानून का बुलंद राज
- पंकज झां की कलम से ✍️✍️
वाराणसी। लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते 9 वर्षों में कानून-व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। कभी माफिया, रंगदारी और अपराध की दहशत से कांपने वाला यूपी आज अपराधियों के लिए सबसे बड़ा खौफ बन चुका है। योगी सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति ने अपराधियों की ऐसी कमर तोड़ी कि यूपी पुलिस उनके लिए यमराज साबित हुई।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक योगीराज के 9 वर्षों में प्रदेशभर में 17 हजार से ज्यादा पुलिस मुठभेड़ हुईं। इन एनकाउंटरों में 289 दुर्दांत अपराधी ढेर कर दिए गए, जबकि 34,253 से ज्यादा अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया गया।
यानी औसतन देखें तो योगीराज में हर साल करीब 3,800 से ज्यादा अपराधियों की गिरफ्तारी हुई और लगभग हर 11 दिन में एक बड़ा अपराधी ढेर हुआ।
⚔️ अपराधियों पर टूटा पुलिस का कहर
पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ों में 11,834 अपराधी घायल हुए। वहीं अपराधियों से लोहा लेते समय 18 पुलिसकर्मी शहीद हुए और 1,852 पुलिसकर्मी घायल भी हुए।
यह आंकड़े बताते हैं कि यूपी पुलिस ने सिर्फ कार्रवाई ही नहीं की, बल्कि अपराध के खिलाफ सीधी जंग लड़ी।
🚨 मेरठ ज़ोन बना अपराधियों का सबसे बड़ा कब्रिस्तान
प्रदेश में सबसे ज्यादा 4,813 मुठभेड़ मेरठ ज़ोन में हुईं।
इन कार्रवाइयों में:
8,921 अपराधी गिरफ्तार किए गए
3,513 अपराधी घायल हुए
97 कुख्यात अपराधी ढेर कर दिए गए
477 पुलिसकर्मी घायल हुए
2 पुलिसकर्मी शहीद हुए
मेरठ ज़ोन में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से अपराधियों में सबसे ज्यादा खौफ देखने को मिला।
🔥 वाराणसी, आगरा, बरेली से लेकर नोएडा तक अपराधियों पर प्रहार
📍 वाराणसी ज़ोन
1,292 मुठभेड़
2,426 अपराधी गिरफ्तार
29 अपराधी ढेर
907 अपराधी घायल
104 पुलिसकर्मी घायल
📍 आगरा ज़ोन
2,494 मुठभेड़
5,845 अपराधी गिरफ्तार
968 अपराधी घायल
24 अपराधी ढेर
📍 बरेली ज़ोन
2,222 मुठभेड़
21 दुर्दांत अपराधी ढेर
📍 लखनऊ ज़ोन
971 मुठभेड़
20 अपराधी ढेर
📍 गाजियाबाद कमिश्नरी
789 मुठभेड़
18 अपराधी ढेर
📍 कानपुर ज़ोन
791 मुठभेड़
12 अपराधी ढेर
📍 लखनऊ कमिश्नरी
147 मुठभेड़
12 अपराधी ढेर
📍 प्रयागराज ज़ोन
643 मुठभेड़
11 अपराधी ढेर
📍 आगरा कमिश्नरी
489 मुठभेड़
10 अपराधी ढेर
📍 गौतमबुद्ध नगर
1,144 मुठभेड़
9 अपराधी ढेर
📍 गोरखपुर ज़ोन
699 मुठभेड़
8 अपराधी ढेर
📍 वाराणसी कमिश्नरी
146 मुठभेड़
8 अपराधी ढेर
📍 प्रयागराज कमिश्नरी
150 मुठभेड़
6 अपराधी ढेर
📍 कानपुर कमिश्नरी
253 मुठभेड़
4 अपराधी ढेर
🛡️ “या तो अपराध छोड़ो… या यूपी छोड़ो”
योगी सरकार ने सत्ता संभालते ही अपराधियों के खिलाफ खुला अभियान छेड़ दिया।
माफियाओं की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चला, गैंगस्टर एक्ट के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई और अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ दी गई।
यही वजह रही कि कई बड़े अपराधियों ने पुलिस कार्रवाई के डर से खुद अदालतों में सरेंडर करना ज्यादा सुरक्षित समझा।
🔥 बदला हुआ यूपी — जहां अब कानून का चलता है राज
सरकार का दावा है कि सख्त कानून-व्यवस्था के कारण प्रदेश में निवेश बढ़ा, उद्योग आए और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ।
महिलाओं की सुरक्षा, संगठित अपराध पर नकेल और माफिया नेटवर्क के सफाए को योगी सरकार अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनाती है।
💥 “पहले अपराधियों का दबदबा था… अब कानून का डंका बज रहा है!”
योगीराज के 9 सालों का यह रिकॉर्ड समर्थकों के लिए “सख्त शासन मॉडल” की मिसाल बन चुका है।
यूपी पुलिस की कार्रवाई ने साफ कर दिया कि अब उत्तर प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं — यहां अब सिर्फ कानून का राज चलेगा।





