
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। चन्दौली जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन (हर घर नल योजना) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्यों की धीमी प्रगति और गुणवत्ता को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन गांवों में पाइपलाइन बिछाने के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनकी मरम्मत उच्च गुणवत्ता के साथ जल्द पूरी की जाए और उसका स्थलीय निरीक्षण कर फोटो सहित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने निर्माण एजेंसियों को चेतावनी दी कि देरी करने वाली कंपनियों के खिलाफ नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने कहा कि यदि कार्य में कोई बाधा या लापरवाही जानबूझकर की जाती है, तो संबंधित के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई जाएगी जिलाधिकारी ने जल टंकियों के निर्माण में गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर घटिया सामग्री का प्रयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गठित टीमों के माध्यम से नियमित स्थलीय निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कितने घरों में पाइपलाइन बिछ चुकी है, कितनी सड़कों की मरम्मत बाकी है और कहां जलापूर्ति शुरू हो चुकी है।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर वह स्वयं औचक निरीक्षण करेंगे और यदि जरा भी अनियमितता पाई गई तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा।ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति की खराब स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल आपूर्ति को सुचारु और नियमित बनाने के लिए ठोस रणनीति बनाकर तत्काल अमल किया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साईं, डीपीआरओ नीरज सिंहा, अधिशासी अभियंता जल निगम विवेक कुमार सहित संबंधित अधिकारी एवं कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वहीं, अनुपस्थित स्टेट हेड्स पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने और अगली बैठक में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।





