
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ। इनिशिएटिव फाउंडेशन इंडिया एवं मार्क फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में बुद्धेश्वर, लखनऊ में एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रवासी एवं स्थानीय गिग श्रमिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और श्रम अधिकार से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
संवाद के दौरान गिग वर्कर्स ने आय की अनिश्चितता, दुर्घटना बीमा की कमी, बीमार होने पर आय रुक जाना, बढ़ते खर्च और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक सीमित पहुँच जैसी गंभीर समस्याओं को सामने रखा।
इनिशिएटिव फाउंडेशन इंडिया के निदेशक अमित ने कहा गिग वर्कर्स शहरी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके श्रम को मान्यता मिलनी चाहिए और उन्हें सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा तथा गरिमामय कार्य परिस्थितियाँ सुनिश्चित की जानी चाहिए। यह समय है कि नीति स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएँ।
मार्क फाउंडेशन के निदेशक संध्या मिश्रा ने कहा प्रवासी गिग श्रमिक अनेकों चुनौतियों से जूझते हैं-एक ओर अस्थिर आय खराब स्वास्थ्य, पौष्टिक भोजन न मिलना सहित आवास एवं सामाजिक सुरक्षा की कमी। हमें उनके अधिकारों के लिए संगठित और निरंतर प्रयास करने होंगे।
सामाजिक कार्यकर्ता वंदना जी ने कहा यह केवल रोज़गार का प्रश्न नहीं है, बल्कि गरिमा और सामाजिक न्याय का मुद्दा है। गिग अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, लेकिन श्रमिकों की सुरक्षा पीछे छूट रही है।
श्रम अधिकार कार्यकर्ता नरेश ने कहा गिग वर्कर्स को स्पष्ट कानूनी सुरक्षा, दुर्घटना कवर, स्वास्थ्य सुविधा और न्यूनतम आय की गारंटी मिलनी चाहिए। असंगठित श्रमिकों की तरह इनके लिए भी मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र आवश्यक है।
कार्यक्रम में उपस्थित गिग वर्कर अविनाश ने कहा हम दिनभर मेहनत करते हैं, लेकिन अगर एक दिन बीमार पड़ जाएँ तो आय शून्य हो जाती है। हमें सुरक्षा और स्थिरता चाहिए।
एक अन्य गिग वर्कर दिपक ने कहा कि दुर्घटना या किसी समस्या की स्थिति में पूरा जोखिम हमें ही उठाना पड़ता है। हम चाहते हैं कि हमारे काम को सम्मान और सुरक्षा मिले।
कार्यक्रम में शामिल हरिओम, प्रवीण, आशुतोष, रोहित, तरन्नुम, लक्ष्मी , आशा, सहित सभी प्रतिभागियों ने गिग वर्कर्स के हित में एक सामूहिक मांग-पत्र तैयार कर संबंधित विभागों तक पहुँचाने का निर्णय लिया।
इनिशिएटिव फाउंडेशन इंडिया ने भविष्य में भी इस मुद्दे पर निरंतर संवाद और जनजागरूकता अभियान चलाने की घोषणा की।




