
बरेली। पीसीएस अधिकारी और निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को अलंकार के लखनऊ रवाना होने के बाद जहां जिला प्रशासन ने दावा किया कि वह स्वेच्छा से गए हैं, वहीं शाम होते-होते अलंकार के सोशल मीडिया पोस्ट ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।
बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे अलंकार के लखनऊ जाने के बाद यह माना जा रहा था कि हाई वोल्टेज ड्रामे पर आंशिक विराम लग गया है, लेकिन शाम करीब 7:30 बजे अलंकार ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा— “कहां-कहां आप मुझको जिला बदर करोगे… जहां जाएंगे कारवां बढ़ता जाएगा।” इसके साथ उन्होंने हैशटैग #UGCRollBack भी लगाया। इसके अलावा एक व्हाट्सएप ग्रुप में उन्होंने लिखा, “अनऑफिशियल जिला बदर, जल्द फिर मिलेंगे।”
अलंकार ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर भी इशारों में कहा कि वह बरेली छोड़ने को इसलिए तैयार हुए क्योंकि पुलिस और प्रशासन नहीं चाहता था कि वह वहां रहें। उन्होंने यह भी लिखा कि पारिवारिक स्तर पर कोई समस्या नहीं है और वह लखनऊ के स्नेह नगर, आलमबाग पहुंच रहे हैं। इन बयानों के बाद प्रशासन के उस दावे पर सवाल उठने लगे, जिसमें कहा गया था कि अलंकार स्वेच्छा से लखनऊ गए हैं।
इससे पहले बुधवार सुबह प्रशासन ने अलंकार के आवास पर निलंबन का नोटिस चस्पा किया था। एडीएम सिटी सौरभ दुबे, एसडीएम सदर प्रमोद कुमार और सीओ समेत कई अधिकारी उनके आवास पर पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। परशुराम युवा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन मिश्रा और परिजनों ने भी बातचीत कर स्थिति संभालने की कोशिश की। सूत्रों के अनुसार, अलंकार पहले प्रयागराज जाकर निलंबन के खिलाफ याचिका दायर करना चाहते थे, लेकिन परिजनों से चर्चा के बाद उन्होंने लखनऊ जाने का फैसला किया।
दिनभर अलंकार अपने समर्थकों से खुलकर बातचीत नहीं कर पाए। जब पुलिस-प्रशासन की गाड़ियां एडीएम कंपाउंड पहुंचीं तो समर्थकों को आशंका हुई कि सिटी मजिस्ट्रेट को बिना उनकी सहमति किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया जा रहा है। इस पर समर्थक आक्रोशित हो गए और नारेबाजी करते हुए काफिले को गेट पर ही रोक लिया। कुछ लोग गाड़ियों पर चढ़ गए तो कई सामने बैठ गए। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच जमकर धक्कामुक्की हुई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस काफिले को बाहर निकाल पाई। इस दौरान गाड़ी में बैठे अलंकार को मीडिया से बात नहीं करने दी गई, जबकि वह विक्ट्री साइन दिखाते हुए वहां से रवाना हुए।
बुधवार को अलंकार अग्निहोत्री को कथित हाउस अरेस्ट से मुक्त करने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों के लोग एडीएम कंपाउंड के गेट पर पहुंचे और जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मंगलवार रात से ही अलंकार को हाउस अरेस्ट में रखा गया है और उन्हें बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा। उन्होंने मांग की कि अलंकार को तत्काल मुक्त किया जाए ताकि वह बाहर आकर आंदोलन को आगे बढ़ा सकें। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि अलंकार का मोबाइल फोन बंद है, जिससे समर्थकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।





