
-मॉडर्न आर्ट गैलरी के महानिदेशक डॉ संजीव किशोर गौतम ने किया राष्ट्रीय प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश और संस्कार भारती प्रयागराज के संयुक्त तत्वाधान में वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक राष्ट्रीय चित्रकार कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 24 जनवरी से 26 जनवरी 2026 तक चली तथा 27 जनवरी को इन चित्रों की कला प्रदर्शनी पंडाल में लगाई गई है जिसका उद्घाटन आज मॉडर्न आर्ट गैलरी दिल्ली के महानिदेशक डॉ संजीव किशोर गौतम ने फीता काटकर किया तथा कहा कि चित्रों में भारतीय दर्शन को बहुत ही खूबसूरती से चित्रित किया गया जो भारतीय आध्यात्मिक दर्शन के अद्भुत दिव्य स्वरूप को प्रदर्शित करती है।
चित्रकार कार्यशाला का संयोजन डॉ. सचिन सैनी, दृश्य कला विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने किया और कहां कि वंदे मातरम हमारे देश की एकता और अखंडता का प्रतीक है और कलाकारों ने इस थीम पर चित्रण कर देश का मान बढ़ाया है मुझे उन पर गर्व है। राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष अयोध्या के रामलला का रेखाचित्र बनाने वाले सुविख्यात कलाकार डॉ सुनील विश्वकर्मा ने सभी कलाकारों को मंच प्रमाण प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र से सम्मनित किया।
कार्यशाला संरक्षक रवीन्द्रनाथ कुशवाहा सदस्य राज्य ललित कला अकादमी ने बताया कि इस राष्ट्रीय कार्यशाला व कला प्रदर्शनी में देशभर से 20 चुनिंदा कलाकारों ने मां भारती का शानदार व भावपूर्ण चित्रण किया जो प्रशंसनीय हैं। आमंत्रित चित्रकार डॉ. सौमिक नंदी एवं शिवांशी विश्वकर्मा ने भी शानदार चित्र बनाएं।
कार्यशाला में संपूर्ण भारत से भाग लेने वाले प्रसिद्ध चित्रकारों में डॉ. सुरेश चन्द्र जाॅंगिड़, डॉ. अम्बरीष मिश्र, डॉ. उगेश रवि, डॉ. अजय पाठक, डॉ. दीपक कुमार विश्वकर्मा, सुमित कुमार, ऋचा कुमारी, अर्चना पांडे, आशुतोष त्रिपाठी, नितिन गुप्ता, शिवम्, प्रिया कुमारी उपाध्याय, विनोद कुमार, मनोज गोंड, एकांश वर्मा, सिद्धार्थ कुमार सिंह, भरत तिवारी, और कुलदीप शामिल थे। कार्यक्रम के अंत में, संस्कार भारती काशी प्रांत के संगठन मंत्री दीपक शर्मा और माघ मेला परिसर संस्कार भारती शिविर के संयोजक विभव शंकर मिश्र ने सभी चित्रकारों का सम्मान किया और उनका धन्यवाद ज्ञापन किया।





