
नई दिल्ली: देशभर में 20 अक्टूबर को दीपावली का पर्व पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। बाजारों में रौनक देखने को मिली और हाल ही में किए गए जीएसटी सुधारों का सकारात्मक असर दिखा, जिससे उपभोक्ताओं को खरीदारी में राहत मिली। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वदेशी अपनाओ अपील का व्यापक असर देखा गया। लोगों ने स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर इस त्योहार को खास बना दिया।
दीपावली के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों के नाम एक भावुक पत्र लिखा। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की बात करते हुए लिखा कि—
“विकसित और आत्मनिर्भर भारत की इस यात्रा में नागरिकों का कर्तव्य है कि वे देश के प्रति अपने दायित्व निभाएं। स्वदेशी अपनाएं और गर्व से कहें – ‘यह स्वदेशी है।'”
उन्होंने स्वच्छता, स्वास्थ्य, योग और संतुलित खान-पान को भी प्राथमिकता देने की अपील की। पीएम मोदी ने लिखा—
“भोजन में तेल की मात्रा 10 प्रतिशत कम करें, योग को अपनाएं और हर भाषा का सम्मान करें। ये छोटे प्रयास हमें विकसित भारत की दिशा में तेज़ी से आगे ले जाएंगे।”
दीपावली के प्रतीकात्मक महत्व की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा—
“जब एक दीपक दूसरे दीपक को जलाता है, तो उसका प्रकाश कम नहीं होता, बल्कि और बढ़ जाता है। इसी तरह हमें भी समाज में सहयोग, सद्भाव और सकारात्मकता के दीप जलाने चाहिए।”
राम मंदिर और नई शुरुआत की ओर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर का भी उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि यह राम मंदिर निर्माण के बाद दूसरी दीपावली है, जो विशेष महत्व रखती है।
“प्रभु श्रीराम मर्यादा और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक हैं। ऑपरेशन सिंदूर इसका जीवंत उदाहरण है, जहां भारत ने मर्यादा का पालन करते हुए अन्याय का भी बदला लिया।”
उन्होंने इस बार की दीपावली को इसलिए भी खास बताया क्योंकि देश के कई ऐसे जिलों में दीप जले, जहां पहले नक्सलवाद और माओवाद का आतंक था।
“अब इन इलाकों में शांति और विकास की लौ जल रही है। कई लोगों ने हिंसा का रास्ता छोड़ संविधान और लोकतंत्र में आस्था जताई है। यह देश की एक बड़ी उपलब्धि है।”
निष्कर्ष:
प्रधानमंत्री का यह पत्र न केवल दीपावली की शुभकामनाएं देता है, बल्कि हर भारतीय को आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बनने का संदेश भी देता है। दीपावली के इस पर्व पर देश में सकारात्मक बदलाव की एक नई रौशनी देखी गई है।



