
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में नर्सिंग स्टाफ पर रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा की गई मारपीट का मामला तूल पकड़ लिया है। नशे में धुत रेजिडेंट डॉक्टरों ने शुभम नामक नर्सिंग स्टाफ पर हमला किया, जिसकी शिकायत के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। इस घटना ने अस्पताल में तनाव पैदा कर दिया है, जहां एक ओर नर्सिंग स्टाफ धरने पर बैठा है, वहीं डॉक्टर आक्रोशित होकर इमरजेंसी सेवाओं को बंद करने की धमकी दे रहे हैं।
घटना शनिवार रात की बताई जा रही है, जब नशे में धुत कुछ रेजिडेंट डॉक्टरों ने ट्रॉमा सेंटर में नर्सिंग स्टाफ शुभम के साथ मारपीट की। शुभम ने जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कार्रवाई न होने से नाराज नर्सिंग स्टाफ ने सोमवार को ट्रॉमा सेंटर में धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान नर्सिंग स्टाफ और रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच झड़प भी हो गई।
प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मारपीट के आरोपी 9 रेजिडेंट डॉक्टरों के खिलाफ चौक कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। इसके अलावा, डॉक्टरों को सस्पेंड कर दिया गया। हालांकि, प्रशासन की इस कार्रवाई को कुछ डॉक्टर मीलिभगत बता रहे हैं, जिससे उनके बीच आक्रोश फैल गया है। आधी रात को डॉक्टर ट्रॉमा सेंटर पर घेराव करने और इमरजेंसी सेवाएं बंद करने के लिए धरने पर बैठ गए।
केजीएमयू प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेजिडेंट डॉक्टरों को आश्वासन दिया कि मुकदमे को 24 घंटे के अंदर खत्म कराने का प्रयास किया जाएगा। इस बीच, मरीजों को हो रही परेशानी को देखते हुए वरिष्ठ डॉक्टरों ने सेवाओं को सुचारू रखने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन के कारण ट्रॉमा सेंटर की सेवाएं प्रभावित रहीं।
यह घटना अस्पतालों में स्टाफ के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करती है, जहां छोटी-मोटी शिकायतें हिंसक रूप ले रही हैं। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि ऐसी घटनाओं से उनकी सुरक्षा खतरे में है, जबकि डॉक्टर सस्पेंशन को अन्यायपूर्ण बता रहे हैं। मामला अभी भी सुलझा नहीं है, और आगे की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं।




